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जिले में 91 से अधिक केंद्रों की हो चुकी जांच
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 31 मई। खरीफ सीजन से पहले किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए कृषि विभाग ने जिलेभर में सघन जांच अभियान शुरू कर रखा है। इसी अभियान के दौरान बिल्हा विकासखंड के सेंदरी और लोफंदी क्षेत्र में एक खाद विक्रेता के यहां बड़ी मात्रा में खाद का अवैध भंडारण पकड़ा गया है।
कृषि विभाग को सेंदरी गांव में खाद के अवैध भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर विभाग की संयुक्त टीम ने सेंधरी और लोफंदी स्थित मेसर्स बंसल फर्टिलाइजर्स के प्रतिष्ठान और गोदामों की जांच की। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को 368 बोरी खाद ऐसे स्थान पर रखी मिली, जिसका उल्लेख फर्म के लाइसेंस में अधिकृत भंडारण स्थल के रूप में नहीं था।
जांच में पता चला कि संबंधित फर्म ने बिना वैधानिक अनुमति लिए किराए के एक अतिरिक्त परिसर में खाद का भंडारण कर रखा था। मौके पर लाइसेंस और दस्तावेजों की जांच की गई, लेकिन फर्म की ओर से संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इसके बाद अधिकारियों ने उक्त खाद को अवैध भंडारण मानते हुए जब्त कर सील कर दिया। जब्त खाद को फिलहाल संबंधित फर्म की सुपुर्दगी में रखा गया है।
प्रारंभिक जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 की धारा 7 के उल्लंघन के प्रमाण मिलने पर उर्वरक निरीक्षक एवं प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.एस. गौतम ने संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कृषि विभाग के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप जिले में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसानों को खाद और बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही कृषि आदानों की कालाबाजारी या कृत्रिम संकट पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश और उप संचालक कृषि पी.डी. हथेश्वर के मार्गदर्शन में विभाग की उड़नदस्ता टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।
अब तक जिले के 91 से अधिक निजी एवं सहकारी खाद विक्रय केंद्रों में आकस्मिक निरीक्षण किया जा चुका है।


