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शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, चार गिरफ्तार
31-May-2026 12:44 PM
शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों की ठगी, चार गिरफ्तार

कई राज्यों में दर्ज मामलों से जुड़े मिले तार, खातों में जमा लाखों रुपये होल्ड

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 31 मई। शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा दिलाने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए बिलासपुर रेंज साइबर थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों का संबंध देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज करोड़ों रुपये के साइबर अपराधों से है।

पुलिस के अनुसार मामला बिलासपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित नर्मदा नगर कॉलोनी की एक महिला से जुड़ा है। महिला को ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अधिक लाभ का प्रलोभन दिया गया था। झांसे में आकर उसने अलग-अलग तिथियों में कुल 17 लाख 21 हजार 100 रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। बाद में ठगी का एहसास होने पर उसने शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद रेंज साइबर थाना ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन और डिजिटल गतिविधियों की गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही।

गिरफ्तार आरोपियों में बिहार के समस्तीपुर निवासी एवं वर्तमान में रायपुर में रह रहे 29 वर्षीय मुकेश कुमार दास, रायगढ़ निवासी केशव साव, सक्ती निवासी संदीप कुमार चंद्र उर्फ विक्की तथा सक्ती निवासी शिशिर राठौर शामिल हैं, जो फिलहाल रायपुर में रह रहा था।

जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी संदीप कुमार चंद्र के बैंक खाते के खिलाफ गुजरात, तेलंगाना, कर्नाटक और दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में साइबर अपराध की पांच शिकायतें दर्ज मिली हैं। वहीं मुख्य आरोपी मुकेश कुमार दास के तीन अलग-अलग बैंक खातों के विरुद्ध कुल 13 शिकायतें दर्ज पाई गईं। इनमें इंडसइंड बैंक खाते से जुड़ी तीन, एक्सिस बैंक खाते से छह और इंडियन ओवरसीज बैंक खाते से चार शिकायतें शामिल हैं।

पुलिस जांच के अनुसार इन शिकायतों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की राशि लगभग आठ करोड़ रुपये तक पहुंचती है। वहीं मुकेश के खातों में साइबर ठगी से प्राप्त करीब 10 लाख रुपये जमा होने के प्रमाण भी मिले हैं।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी केशव साव के एक्सिस बैंक खाते में मौजूद लगभग 99 लाख रुपये तथा आरोपी शिशिर राठौर के खाते में मौजूद करीब एक लाख रुपये की राशि फ्रीज कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आपस में मिलकर साइबर अपराध से प्राप्त रकम को विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से स्थानांतरित करते थे।

राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) से प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपियों के खातों के खिलाफ देश के कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। इससे संकेत मिलता है कि गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन निवेश और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निशाना बना रहा था।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि देशभर में कितने लोगों को इस नेटवर्क ने अपना शिकार बनाया।


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