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सुकमा में सबसे ज्यादा खपत
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 26 मई। प्रदेश में आबकारी राजस्व में गत वर्ष की तुलना में 5.59 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि अप्रैल माह के राजस्व में 9.4 फीसदी की कमी आई है। इससे परे प्रदेश में बीयर और विदेशी शराब पीने वालों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। बताया गया कि बीयर की बिक्री 34 फीसदी, और विदेशी शराब की बिक्री में 61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। खास बात ये है कि प्लास्टिक की बोतल से शराब बेचने के चलते देशी शराब की खपत में 3 फीसदी की कमी आई है।
सरकार ने प्रदेश में प्लास्टिक की बोतल से शराब बिक्री अनिवार्य कर दिया है। इस वजह से देशी शराब के उत्पादन में कमी आई है, और खपत में भी 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। इससे परे बीयर और विदेशी शराब की बिक्री में भारी बढ़ोतरी हुई है।
इसी तरह प्रदेश में आबकारी राजस्व बढक़र 10 हजार 571 रुपये पहुंच गया है, जो कि गत वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 5.69 फीसदी अधिक है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक प्रदेश में आबकारी राजस्व में बढ़ोतरी हुई है। वर्ष-2023-24 में आबकारी राजस्व 8431 करोड़ था जो कि बढक़र 2024-25 में 10 हजार 147 करोड़ हो गया। कुल मिलाकर 20.39 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
यही नहीं, प्रदेश में आबकारी राजस्व में 5.69 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आबकारी राजस्व बढक़र 10 हजार 751 करोड़ हो गया है।
आबकारी विभाग की आय से जुड़े आंकड़ों में अप्रैल 2026 के दौरान राज्य स्तरीय राजस्व में गिरावट दर्ज की गई है। विभागीय दस्तावेज के अनुसार अप्रैल 2025 में कुल आय 887.6 करोड़ रुपये थी, जो अप्रैल 2026 में घटकर 804.6 करोड़ रुपये रह गई। इस तरह कुल राजस्व में 9.4 प्रतिशत की कमी आई है।
राज्य स्तर पर बिक्री में देशी मदिरा में 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि देशी मदिरा (बियर) में 34 प्रतिशत और देशी मदिरा (स्पिरिट) में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। टॉप परफॉर्मर जिलों में सुकमा ने 43.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया। इसके बाद सक्ती में 34.6 प्रतिशत, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 26.9 प्रतिशत, बस्तर में 22 प्रतिशत और कोंडागांव में 20.1 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
मुख्य राजस्व देने वाले जिलों में शुरूआत के चार महीने में शराब से रायपुर जिले में कुल आय 151.6 करोड़ रुपये रही, जहां 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। दुर्ग में 96.3 करोड़ रुपये की आय के साथ 4.7 प्रतिशत वृद्धि हुई, जबकि बिलासपुर में 77.4 करोड़ रुपये की आय रही और 0.3 प्रतिशत की मामूली कमी दर्ज की गई।


