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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बीजापुर, 26 मई। बीजापुर जिले के ईटपाल स्थित तेंदूपत्ता से भरे विशाल गोदाम में सोमवार की दोपहर लगी आग पर 24 घंटे बाद भी पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। करीब 27 हजार 400 स्क्वेयर फीट में फैला गोदाम धू-धू कर जलता रहा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
आग बुझाने के लिए बीजापुर सहित बचेली से फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां बुलाई गई है, वहीं जेसीबी मशीनों की मदद से गोदाम का मलबा हटाकर अंदर सुलग रही आग तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
सोमवार को उक्त गोदाम में भारी मात्रा में तेंदूपत्ता संग्रहित था। आग इतनी भीषण थी कि पूरा स्ट्रक्चर जलकर खाक हो गया। एक अनुमान के मुताबिक इस हादसे में करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का नुकसान स्ट्रेक्चर जलने से हुआ है। जबकि 10 करोड़ से ज्यादा का तेंदूपत्ता जलकर राख हो गया है।
गोदाम के मालिक अताउर्रहमान ने बताया कि उनका गोदाम वन विभाग को 50 रुपये प्रति वास्तविक बोरा की दर से किराए पर दिया गया था। गोदाम की क्षमता लगभग 36 हजार वास्तविक बोरा बताई गई है। उन्होंने बताया कि विभाग के साथ एग्रीमेंट भी किया गया था, जिसमें यह तय हुआ था कि कार्य समाप्ति के बाद गोदाम को उसी स्थिति में वापस किया जाएगा, जिस स्थिति में विभाग को सौंपा गया था।
उन्होंने बताया कि गोदाम का बीमा कराया गया था और अब वे इंश्योरेंस क्लेम की प्रक्रिया करेंगे। उल्लेखनीय है कि इस गोदाम का निर्माण वर्ष 2017 में किया गया था।
हैरानी की बात यह है कि घटना के 24 घंटे बाद भी आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। न ही अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की जवाबदेही तय की गई है।
मामले में स्पष्ट कार्रवाई नहीं होने से लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है।
घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और तेंदूपत्ता भंडारण प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगजनी के वास्तविक कारणों के खुलासे पर टिकी हुई है।



