ताजा खबर
कोरबा में एक ही परिवार के चार लोग घायल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 25 मई। पसान थाना क्षेत्र के कुकरीबहरा गांव में अंधविश्वास और टोनही प्रथा को लेकर हिंसक विवाद का मामला सामने आया है। गांव के बैगा द्वारा एक महिला को टोनही बताए जाने के बाद शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। हमले में एक ही परिवार के चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। एक नाबालिग के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है, जबकि एक महिला आरोपी और बैगा की तलाश जारी है।
जानकारी के अनुसार गांव निवासी बीर सिंह की पत्नी सोनकुंवर काफी समय से बीमार थी। इलाज के बजाय परिवार गांव के बैगा कांशीराम से झाड़-फूंक करा रहा था।
इसी दौरान बैगा ने गांव की महिला फूलमत बाई को टोनही बता दिया। इसके बाद सोनकुंवर ने फूलमत बाई को ताने देना और परेशान करना शुरू कर दिया।
लगातार हो रहे विवाद के बाद गांव चौपाल में बैठक बुलाई गई, लेकिन आरोपी पक्ष वहां नहीं पहुंचा। अगले दिन दोबारा बैठक रखी गई। तब फूलमत बाई अपनी बहुओं और पोती के साथ आरोपी परिवार को बुलाने उनके घर पहुंची।
घर के पास पहुंचते ही दोनों पक्षों में बहस शुरू हो गई। विवाद अचानक हिंसक हो गया और आरोपी पक्ष ने फावड़ा, हंसिया और डंडों से हमला कर दिया। हमले में फूलमत बाई समेत चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की।
पुलिस के मुताबिक जब टीम आरोपी के घर पहुंची तो एक कमरे में झाड़-फूंक की सामग्री, आटे का घेरा और जलता दीपक मिला। पूछताछ में पता चला कि बैगा कांशीराम वहां तंत्र-मंत्र कर रहा था।
पुलिस के पहुंचने की भनक लगते ही वह पीछे के रास्ते से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
मामले में बीर सिंह और बुधराम समेत अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है।
तेज रफ्तार ने बुझा दिया घर का इकलौता चिराग, फिर अस्पताल से गायब हुआ सोने का लॉकेट
जांजगीर-चांपा, 25 मई। बिर्रा-शिवरीनारायण मार्ग पर केरा गांव में तेज रफ्तार कैप्सूल गाड़ी की चपेट में आने से तीन साल के मासूम हर्ष श्रीवास की मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। इधर, पोस्टमार्टम के दौरान बच्चे के गले से सोने का लॉकेट गायब हो गया।
जानकारी के अनुसार छोटा हर्ष अपने पिता मनोज कुमार श्रीवास की सैलून दुकान के बाहर खड़ा था। तभी तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में हर्ष गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।
घटना के बाद पिता अपने बेटे को लेकर नवागढ़ के सरकारी अस्पताल पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि उनका बेटा बच जाएगा, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रातभर बच्चे का शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया।
परिजनों का आरोप है कि जब बच्चे को अस्पताल लाया गया था, तब उसके गले में सोने का लॉकेट मौजूद था। लेकिन अगले दिन पोस्टमार्टम के दौरान लॉकेट गायब मिला।
इस घटना ने परिवार के गुस्से और दुख को बढ़ा दिया है। परिजनों ने आशंका जताई है कि अस्पताल या मोर्चरी परिसर में किसी ने लॉकेट की चोरी कर ली।
पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर फरार वाहन और चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के आधार पर वाहन की पहचान की कोशिश की जा रही है।
साथ ही लॉकेट गायब होने के मामले में भी अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है।


