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अमित शाह के बयान पर भड़के भूपेश-महंत
20-May-2026 4:52 PM
अमित शाह के बयान पर भड़के भूपेश-महंत

नक्सलमुक्त हुआ अच्छी बात है, लेकिन हमारे योगदान को कम करने की कोशिश मत कीजिए...
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
रायपुर, 20 मई।
प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख नेताओं ने बुधवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की टिप्पणियों पर तीखा पलटवार किया। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर नक्सल मुक्त हुआ है, यह अच्छी बात है। लेकिन हमारे योगदान को कम करने की कोशिश मत कीजिए। उन्होंने शाह पर गलत बयानी का आरोप लगाया, और कहा कि उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि शाह ने जनता को बेवकूफ बनाने का प्रयास किया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को जगदलपुर में कहा था कि नक्सल उन्मूलन में पिछली कांग्रेस सरकार ने सहयोग नहीं किया। शाह के बयान के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल और नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत राजीव भवन में मीडिया से रूबरू हुए। 

बघेल ने अपने 5 साल के कार्यकाल में नक्सल उन्मूलन के लिए किए गए प्रयासों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 के बाद नक्सल घटनाओं में लगातार कमी आई। पूर्व सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश में हुई नक्सल प्रभावित राज्यों की बैठक में भी कहा गया था कि छत्तीसगढ़ में वामपंथ उग्रवाद में कमी आई है। 

पूर्व सीएम ने कहा कि कांग्रेस शासन में पूरे बस्तर में 35 किलो राशन मिलता रहा है। जबकि रमन सरकार में 7 किलो प्रति व्यक्ति कर दिया गया था। सुकमा, और बीजापुर में पीडीएस व्यवस्था को बेहतर किया गया और अंदरूनी क्षेत्रों में भी राशन मिलता रहा। उन्होंने कहा कि रमन सरकार में राशन के वाहनों को लूटने की घटना हुई थी। लेकिन हमारे शासन काल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई। 

पूर्व सीएम ने कहा कि रमन सरकार में नक्सल प्रभावित इलाकों के 4 सौ स्कूलों को कैंप में ट्रांसफर कर दिया गया था। अभी 10 हजार स्कूलों को बंद किया गया है। इसमें से 1163 बस्तर के हैं। उन्होंने आरक्षण पर कहा कि राज्य में 32 फीसदी आरक्षण पहले से ही है। 

भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस नक्सलवाद खत्म होने की घोषणा का स्वागत करती है, लेकिन अमित शाह ने जो दावे किए, वे सिर्फ झूठ का पुलिंदा हैं। उन्होंने कहा कि 2018 से 2023 के बीच कांग्रेस सरकार ने बस्तर में सुरक्षा कैंप, सड़क और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया, जिसका फायदा वर्तमान सरकार को मिला।

भूपेश ने दावा किया कि वर्ष 2022 में खुद अमित शाह ने माना था कि वामपंथी उग्रवाद छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक सीमित रह गया है और नक्सली घटनाओं में भारी कमी आई है। भूपेश बघेल ने कहा कि यदि अमित शाह अपना पुराना बयान याद कर लेते तो उन्हें वास्तविक स्थिति समझ में आ जाती।

वनाधिकार पट्टों और आरक्षण के मुद्दे पर भी पूर्व सीएम ने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। बघेल ने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने पांच वर्षों में 4.57 लाख व्यक्तिगत और 46 हजार सामुदायिक वनाधिकार पट्टे वितरित किए थे। साथ ही आदिवासियों को पहले से 32 प्रतिशत आरक्षण मिलने की बात भी कही गई।

पूर्व सीएम ने अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हमारे कंधे पर खड़े होकर ऊंचे बनने का प्रयास मत कीजिए। हमारे योगदान को कम करने की कोशिश न की जाए। 

नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी अमित शाह की बस्तर में डेयरी नेटवर्क और गाय-भैंस वितरण योजना की घोषणा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम रमन सिंह की सरकार में भी ऐसी योजना लागू की गई थी, लेकिन उसमें भारी गड़बडिय़ां सामने आई थीं और बड़ी संख्या में बीमार तथा दूध न देने वाली गायों की सप्लाई हुई थी।


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