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हेमचंद यादव विवि: एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परिणाम में 76 फीसदी फेल
15-May-2026 3:31 PM
हेमचंद यादव विवि: एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परिणाम में 76 फीसदी फेल

 नाराज विद्यार्थियों का यूनिवर्सिटी में डेरा
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
भिलाई नगर, 15 मई।
चार दिन पूर्व हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा जारी एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। विश्वविद्यालय ने दिसंबर 2025 में आयोजित इस परीक्षा का परिणाम 11 मई को घोषित किया, जिसमें कुल 417 विद्यार्थियों में से केवल 101 विद्यार्थियों को ही उत्तीर्ण घोषित किया गया है।
छात्र-छात्राओं का सीधा आरोप है कि हिंदी माध्यम में उत्तर लिखने के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अनुतीर्ण कर दिया गया। बालोद, सुराना, कल्याण एवं दिग्विजय कॉलेज से विद्यार्थियों के प्रतिनिधि मंडल ने 12 मई को ही कुलपति डॉ. संजय तिवारी से मुलाकात कर उन्हें वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। विद्यार्थियों  ने कहा कि यदि परीक्षा केंद्रों में हिंदी माध्यम की अनुमति दी गई थी तो बाद में उसी आधार पर छात्रों को फेल करना अन्यायपूर्ण है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुलपति ने छात्रों को समिति गठित कर मामले की जांच आश्वासन दिया था।

लेकिन यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा, आज भी बड़ी संख्या में प्रभावित विद्यार्थी यूनिवर्सिटी पहुंच गए हैं। उनका कहना है कि विवि प्रशासन इस मुद्दे पर केवल गुमराह कर रहा है। जब जांच होनी है तो सेकंड सेमेस्टर के परीक्षा फार्म का पोर्टल क्यों ओपन किया गया? जून में सेकंड सेम की परीक्षा तिथि भी आ गई है। यह सीधे तौर पर समाधान नहीं बल्कि भविष्य से खिलवाड़ जैसा लग रहा है।
विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले वर्षों में भी इस विषय के उत्तर हिंदी में लिखे जाते रहे हैं और छात्रों को अंक भी मिलते रहे हैं। परीक्षा के दौरान केंद्रों पर मौजूद प्राध्यापकों ने भी हिंदी में उत्तर लिखने की मौखिक अनुमति दी थी, जिसके आधार पर अधिकांश परीक्षार्थियों ने पेपर हल किया। इस बार मूल्यांकन केवल अंग्रेजी में लिखे उत्तरों का किए जाने से बड़ी संख्या में हिंदी माध्यम के छात्र प्रभावित हुए हैं। यदि परीक्षा पद्धति या भाषा संबंधी नियमों में बदलाव किया गया था तो इसकी स्पष्ट सूचना पहले दी जानी चाहिए थी।
रिजल्ट आया नहीं और भरवाए सेकंड सेम एग्जाम फॉर्म
विद्यार्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रथम सेमेस्टर का परिणाम घोषित किए बिना ही द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म भरने का नोटिफिकेशन 30 अप्रैल 2026 को जारी कर दिया था। परिणाम बाद में जारी होने से अनेक छात्र परीक्षा फॉर्म भरने से वंचित हैं।
पुनर्मूल्यांकन या पुन: जाँच का विकल्प नहीं
विश्वविद्यालय द्वारा पुनर्मूल्यांकन या पुन: जाँच का विकल्प उपलब्ध नहीं कराया गया है, मात्र री-टोटलिंग से इंग्लिश लीगल लैंग्वेज के विवाद का कैसे निपटारा होगा? इस सवाल को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रभावित विद्यार्थी विवि प्रशासन से जनरल प्रमोशन, उत्तरपुस्तिकाओं की पुन: जांच तथा द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा तिथि में संशोधन की मांग कर रहे हैं, जिस पर फिलहाल कोई निर्णायक पहल आज तक नजर नहीं आ रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान केंद्रों पर तैनात प्राध्यापकों द्वारा इंग्लिश लीगल लैंग्वेज के पेपर का हिंदी माध्यम में उत्तर लिखने की मौखिक अनुमति दी गई थी, जिसके आधार पर अधिकांश परीक्षार्थियों ने प्रश्न पत्र हल किया। परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी इंग्लिश लीगल लैंग्वेज विषय में असफल पाए गए। कुलसचिव को शिकायत पत्र सौंपते हुए हिंदी में लिखे गए उत्तरों को स्वीकार कर उचित अंक प्रदान करने की मांग भी छात्र कर चुके हैं।
वहीं कुलपति ने बार काउंसिल के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि लीगल लैंग्वेज विषय में अंग्रेजी में उत्तर लिखना आवश्यक था और उसी आधार पर मूल्यांकन किया गया है। हालांकि छात्रों की समस्या को देखते हुए समिति गठित कर ग्रेस माक्र्स या अन्य विकल्प पर विचार करेंगे।
आज विवि पहुंचे विद्यार्थियों का कहना है कि उनकी समस्याओं पर अभी तक कोई संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया है और 13 मई को द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा की तिथि भी जारी कर दी गई। इससे विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर चिंता और बढ़ गई है। बड़ी संख्या में छात्र फेल होने से वे मानसिक तनाव में हैं। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जमीन पर बैठ कुलपति ने की विद्यार्थियों से बात
आज बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों के समर्थन में बजरंग दल के लोग भी पहुंच गए। जमावड़ा बढ़ता देख कुलपति भी सभी के बीच पहुंचे और विद्यार्थियों के साथ जमीन पर बैठ उन्होंने सभी की बातें सुनीं। कुलपति ने नियम अनुसार हल निकालने का आश्वासन भी दिया है।
 


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