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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 15 मई। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर फैली आशंकाओं के बीच गुरुवार को बिलासपुर शहर के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई। देर रात तक शहर के अधिकांश पंपों में कार और बाइक चालकों की लंबी कतारें नजर आईं। सामान्य दिनों में जहां लोग जरूरत के हिसाब से दो से तीन लीटर पेट्रोल भरवाते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में वाहन चालक अपने टैंक पूरी तरह भरवा रहे हैं।
स्थिति का असर शहर के साथ-साथ बाहरी इलाकों के पेट्रोल पंपों पर भी दिखाई दिया। करीब एक दर्जन पंप कुछ समय के लिए ईंधन खत्म होने की स्थिति में पहुंच गए। हालांकि बाद में तेल कंपनियों के टैंकर लगातार पहुंचने लगे, जिसके बाद सप्लाई बहाल करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई।
कई वाहन चालकों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म हो गया है और कई जगह पंप बंद हैं। इसी वजह से नौकरीपेशा लोग और फील्ड में काम करने वाले कर्मचारी एहतियात के तौर पर अतिरिक्त पेट्रोल भरवा रहे हैं ताकि आने वाले दिनों में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस बीच यह भी सामने आया कि कुछ पेट्रोल पंप संचालकों द्वारा तेल कंपनियों को समय पर भुगतान नहीं किए जाने के कारण सप्लाई प्रभावित हुई थी। इसी वजह से कुछ पंपों में अस्थायी रूप से ड्राय आउट की स्थिति बनी। हालांकि अब तेल कंपनियों ने दोबारा आपूर्ति शुरू कर दी है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियों के माध्यम से लगातार आपूर्ति की जा रही है और हालात सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने तेल कंपनियों और पेट्रोल पंप संचालकों की बैठक भी बुलाई। बैठक में तय किया गया कि फिलहाल व्यावसायिक उपयोग के लिए पेट्रोल-डीजल की बिक्री सीमित रखी जाएगी, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के अनुसार जिले में इस समय 1191 किलोलीटर पेट्रोल और 1507 किलोलीटर डीजल का भंडार उपलब्ध है, जो पांच दिनों से अधिक की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।
प्रशासन ने सभी पेट्रोल पंपों को 24 घंटे संचालित रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही शिकायतों के लिए कंट्रोल रूम नंबर 07752-224150 भी जारी किया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक जिले में संचालित 146 पेट्रोल पंपों में से केवल 8 पंपों में अस्थायी रूप से ईंधन खत्म होने की स्थिति बनी थी। पिछले दो दिनों में अफवाहों और घबराहट के चलते लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदा, जिससे कुछ स्थानों पर कृत्रिम कमी जैसी स्थिति पैदा हो गई।


