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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 15 मई। शहर में नकली पुलिसकर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह सक्रिय हैं। गुरुवार सुबह सीएमडी कॉलेज के पास बाइक सवार दो युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर एक युवक को रोका और बड़ी सफाई से उसकी सोने की चेन और अंगूठी बदलकर नकली गहने थमा दिए। पीड़ित को मौके पर ठगी का एहसास तक नहीं हुआ। घर पहुंचने के बाद जब उसने कागज का पैकेट खोला तो असली गहनों की जगह नकली ज्वेलरी देखकर उसके होश उड़ गए।
जानकारी के अनुसार नूतन चौक स्थित फ्रेंड्स रेसिडेंसी निवासी आशीष पांडे गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्कूटर से ओल्ड हाईकोर्ट रोड स्थित यूनियन बैंक जा रहे थे। इसी दौरान सीएमडी कॉलेज के पास बाइक पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। दोनों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि उनके वाहन में संदिग्ध सामान हो सकता है, इसलिए डिक्की की जांच करनी होगी।
आशीष ने जैसे ही स्कूटर की डिक्की खोली, दोनों युवकों ने इलाके में हाल की लूट की घटनाओं का हवाला देते हुए उन्हें अपनी सोने की चेन और अंगूठी उतारकर सुरक्षित रखने की सलाह दी। आरोपियों ने खुद ही चेन और अंगूठी उतरवाने में मदद की। इसके बाद उन्होंने गहनों को कागज में लपेटकर सुरक्षित रखने की बात कही।
इसी दौरान बातचीत में उलझाकर आरोपियों ने असली गहनों की जगह नकली गहने रख दिए। फिर कागज का पैकेट डिक्की में रखकर दोनों युवक वहां से फरार हो गए। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद आशीष को शक हुआ और उन्होंने डिक्की खोलकर देखा। पैकेट में नकली चेन और अंगूठी रखी थी, जबकि असली गहने गायब थे।
पीड़ित के अनुसार चोरी गए सोने के गहनों की कीमत दो लाख रुपए से अधिक है। घटना की शिकायत मिलने के बाद तारबाहर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है।
पुलिस को आशंका है कि वारदात किसी पेशेवर अंतरराज्यीय ठग गिरोह या कथित ईरानी गैंग ने अंजाम दी है। पुलिस शहर में हाल के दिनों में हुई इसी तरह की घटनाओं का रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।


