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मोबाइल में मिले कई खातों और संपर्कों के रिकॉर्ड
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 15 मई। साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क के बीच बिलासपुर पुलिस ने तथाकथित “म्यूल अकाउंट सिंडिकेट” के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। तारबाहर पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खातों की जानकारी जुटा रहा था। पुलिस के अनुसार ये खाते साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जाते हैं और इन्हें अपराधियों का स्लीपर सेल माना जा रहा है।
पुलिस को 13 मई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि व्यापार विहार स्थित स्टेट बैंक शाखा के पास काले रंग की टी-शर्ट पहने एक युवक संदिग्ध तरीके से घूम रहा है। वह बैंक आने वाले लोगों से संपर्क कर उनसे बैंक खाता और अन्य बैंकिंग जानकारी मांग रहा था। बदले में नकद कमीशन देने का झांसा दिया जा रहा था।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को हिरासत में लिया और पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम दीपेश कुमार गुप्ता निवासी सूरजपुर जिला बताया। उसने स्वीकार किया कि वह लोगों से बैंक खातों और बैंकिंग डिटेल लेकर दूसरे लोगों तक पहुंचाता था और इसके बदले उसे कमीशन मिलता था।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन जब्त किया है। जांच में मोबाइल में कई बैंक खातों की जानकारी और संपर्क नंबर मिले हैं। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हुई है।
पुलिस के मुताबिक कि इस तरह के म्यूल अकाउंट सिंडिकेट साइबर ठगों के लिए स्लीपर सेल की तरह काम करते हैं। साइबर अपराधी आम लोगों के खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने, ट्रांसफर करने और तुरंत निकालने के लिए करते हैं। इससे असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि देशभर में सक्रिय संगठित साइबर गिरोह ऐसे खातों के माध्यम से करोड़ों रुपए का लेनदेन करते हैं।


