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मरवाही में बनेगा आधुनिक सिविल कोर्ट, पेंड्रा रोड में आवासीय परिसर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 13 मई। छत्तीसगढ़ में न्यायिक ढांचे को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक पहल करते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने मरवाही तहसील में नए सिविल कोर्ट भवन और पेंड्रा रोड में न्यायिक कर्मचारियों के आवासीय परिसर का वर्चुअल भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। कार्यक्रम में बिलासपुर जिले की पोर्टफोलियो जज न्यायमूर्ति रजनी दुबे भी वर्चुअल रूप से शामिल रहीं।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि राज्य की जिला और अधीनस्थ अदालतों को बेहतर आधारभूत संरचना उपलब्ध कराना हाईकोर्ट की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त न्यायालय भवन न केवल न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और पक्षकारों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करेंगे, बल्कि इससे न्यायिक प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी और तेज होगी।
मरवाही में बनने वाले नए सिविल कोर्ट भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। भवन में दो कोर्ट रूम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष, कॉन्फ्रेंस हॉल और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा महिला कर्मचारियों के लिए विशेष व्यवस्था के तहत ‘चाइल्ड केयर रूम’ भी बनाया जाएगा। हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि यह भवन राज्य के आधुनिक न्यायालय परिसरों में शामिल होगा।
इसी प्रकार पेंड्रा रोड में न्यायिक कर्मचारियों के लिए जी, एच और आई प्रकार के कुल 26 नए आवास निर्मित किए जाएंगे। इससे कर्मचारियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
मुख्य न्यायाधीश ने लोक निर्माण विभाग, जिला प्रशासन और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को दोनों निर्माण कार्य तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उपयोग की जाने वाली सामग्री और निर्माण मानकों को निविदा और कार्यादेश की शर्तों के अनुरूप रखने पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि न्यायिक आधारभूत संरचना को लगातार मजबूत किए जाने से आम लोगों को बेहतर वातावरण में त्वरित न्याय उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा सुधार होगा। न्यायालय परिसरों में सुविधाओं के विस्तार से अधिवक्ताओं और पक्षकारों को भी राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पेंड्रा रोड जिला न्यायालय के पूर्व निरीक्षण के दौरान वहां आधारभूत सुविधाओं की कमी सामने आई थी। इसके बाद से मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा राज्यभर की जिला एवं बाह्य अदालतों के ढांचे को विकसित करने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। न्यायिक प्रशासन का मानना है कि इन प्रयासों से छत्तीसगढ़ की जिला न्यायपालिका आधुनिक मानकों की ओर तेजी से बढ़ रही है।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बिलासपुर के स्वागत उद्बोधन से हुई, जबकि अंत में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पेंड्रा रोड ने आभार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल, रजिस्ट्री के अधिकारी, बिलासपुर और पेंड्रा रोड जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारी-कर्मचारी, मरवाही तहसील न्यायालय के अधिकारी, अधिवक्ता, प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।


