ताजा खबर

शराब घोेटाला, त्रिपाठी और अनवर के बीच की कड़ी रहा राव गिरफ्तार
13-May-2026 5:50 PM
शराब घोेटाला, त्रिपाठी और अनवर के बीच की कड़ी रहा राव गिरफ्तार

फर्जी ओवरटाइम बिल बनाकर रकम की हेराफेरी करता 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 13 मई ​ । आबकारी निगम में हुए ओवर टाइम भुगतान घोटाले में ईओडब्ल्यू ने सीडीएल कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट एन. उदय राव को  गिरफ्तार किया है। इस मामले में पूर्व में  07 आरोपी भी न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजे गए।

कांग्रेस शासन काल में छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड  के रिकॉर्ड में कार्य ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड के नाम से था, परंतु फील्ड संचालन, बिलिंग समन्वय एवं भुगतान व्यवस्था एन. उदय राव  देखा करते थे। 
वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवर टाइम, बोनस, 04 अतिरिक्त दिवस भुगतान एवं उक्त मदों पर सर्विस चार्ज/सर्विस टैक्स के रूप में मैन पावर एजेंसियों को कुल लगभग ₹182.98 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान किया जाना पाया गया।

राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो, रायपुर ने दो वर्ष पूर्व  धारा-7(बी), 8 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 यथासंशोधित 2018 एवं धारा-467, 468, 471, 120-बी भा.द.वि. के तहत जांच कर रही है। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों में नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत दरंदले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, राजीव द्विवेदी एवं संजीव जैन शामिल हैं। इनसे हुई पूछताछ में मिले इनपुट पर 
आज एन. उदय राव  को गिरफ्तार किया गया है। विवेचना में पाया गया कि एन. उदय राव CDL अर्थात छ.ग. डिस्टलरीज लिमिटेड में वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) के पद पर कार्यरत रहा है तथा CSMCL में ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड के नाम से चल रहे मैन पावर सप्लाई कार्य का फील्ड संचालन देखता था। विवेचना में यह तथ्य सामने आया है कि CSMCL के रिकॉर्ड में कार्य ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड के नाम से था, परंतु फील्ड मैनेजमेंट, स्थानीय संचालन, बिलिंग समन्वय, कर्मचारियों की व्यवस्था एवं भुगतान संबंधी कार्य CDL की संबद्ध कंपनी एन. के. जे.ए. की ओर से एन. उदय राव द्वारा किये जाते थे। ओवर टाइम, बोनस एवं 04 अतिरिक्त दिवस कार्य की बिलिंग उदय राव के कहने पर की जाती थी। उक्त राशि से कमीशन भुगतान के संबंध में वह अरूणपति त्रिपाठी से समन्वय करता था ।  उक्त राशि अरूणपति त्रिपाठी के माध्यम से आगे अनवर ढेबर तक पहुंचती थी।

विवेचना में उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार मैन पावर एजेंसियों को वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच अलग-अलग मदों में निम्नानुसार अतिरिक्त भुगतान किया जाना पाया गया है-

ओवर टाइम भुगतान - लगभग ₹101.20 करोड़

बोनस भुगतान - लगभग ₹12.21 करोड़

04 अतिरिक्त दिवस कार्य का भुगतान लगभग ₹54.46 करोड़

ओवर टाइम, बोनस एवं 04 अतिरिक्त दिवस भुगतान पर सर्विस चार्ज लगभग ₹15.11 करोड़ इस प्रकार उक्त सभी मदों को मिलाकर कुल लगभग ₹182.98 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान सुमीत फैसिलिटीज, प्राईमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस, अलर्ट कमाण्डोज एवं ईगल हंटर सॉल्यूशन्स सहित संबंधित मैन पावर एजेंसियों को किया गया था। उक्त राशि में से ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड को ओवर टाइम मद में लगभग ₹18.34 करोड़, बोनस मद में लगभग ₹1.85 करोड़, 04 अतिरिक्त दिवस कार्य के भुगतान मद में लगभग ₹11.06 करोड़ तथा उक्त मदों पर सर्विस चार्ज सर्विस टैक्स के रूप में लगभग *2.81 करोड़ प्राप्त होना पाया गया है। इस प्रकार ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड को इन मदों में कुल लगभग ₹34.07 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान प्राप्त हुआ था। विवेचना में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया है कि उक्त राशि वास्तविक रूप से कर्मचारियों को दी जानी थी, परंतु फर्जी / बढ़े हुए बिलों के माध्यम से राशि आहरित कर उसका उपयोग अधिकारियों एवं सिंडिकेट को कमीशन देने तथा कंपनियों के आर्थिक लाभ के लिए किया गया। गिरफ्तार  एन. उदय राव को विशेष न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जा रहा है। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।


अन्य पोस्ट