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ईरान: जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता की सेहत बिगड़ी, परिवार ने की ये मांग
03-May-2026 10:46 PM
ईरान: जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता की सेहत बिगड़ी, परिवार ने की ये मांग

ग़ोन्चेह हबीबीज़ाद, बीबीसी फ़ारसी और हेनरी एस्टियर

जेल में बंद ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता नरगिस मोहम्मदी के रिश्तेदारों और नोबेल शांति पुरस्कार समिति ने उन्हें बेहतर मेडिकल सुविधाओं वाली जगह पर शिफ़्ट करने की मांग की है. नरगिस मोहम्मदी की सेहत में अचानक आई भारी गिरावट के बाद यह मांग की गई है.

शुक्रवार को उनके परिवार ने बताया कि 54 साल की नरगिस को उत्तर-पश्चिमी ईरान की जेल से एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया है.

परिवार ने इस क़दम को "आख़िरी मौके़ पर उठाया गया क़दम बताया, जो शायद बहुत देर से उठाया गया" है.

नॉर्वे में रहने वाले उनके भाई ने शनिवार को बीबीसी को बताया, "उनका ब्लड प्रेशर बहुत तेज़ी से नीचे गिर गया है, और वे उसे स्थिर नहीं कर पा रहे हैं."

नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 का नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था. उन्हें दिसंबर में अधिकारियों की आलोचना करने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया था.

पिछले महीने उनके भाई हामिदरेज़ा मोहम्मदी ने बताया था कि उत्तर-पश्चिमी ईरान की ज़ंजन जेल में उनके साथ बंद क़ैदियों ने उन्हें बेहोशी की हालत में पाया था, उन्हें शायद दिल का दौरा पड़ा था.

उन्होंने आगे बताया कि जेल अधिकारियों ने दिल, फेफड़े और ब्लड प्रेशर से जुड़ी पुरानी बीमारियों के इतिहास के बावजूद उन्हें अस्पताल शिफ़्ट करने से मना कर दिया था.

शुक्रवार को नरगिस मोहम्मदी फ़ाउंडेशन (जिसे उनका परिवार चलाता है) ने बताया कि "उनकी सेहत में आई बेहद गंभीर गिरावट" के बाद उन्हें ज़ंजन प्रांत के एक अस्पताल में शिफ़्ट कर दिया गया है.

बयान में यह भी कहा गया कि यह क़दम "140 दिनों की मनमानी हिरासत और विशेष मेडिकल देखभाल से लगातार वंचित रखे जाने के बाद" उठाया गया है.

नरगिस मोहम्मदी के फाउंडेशन के मुताबिक़, उन्हें अब तक अलग-अलग मौक़ों पर 13 बार गिरफ़्तार किया गया है और उन्हें कुल 31 साल की जेल के साथ ही 154 कोड़ों की सज़ा सुनाई गई है. (bbc.com/hindi)


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