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मप्र से मिले 2000 करोड़ से 88 माह का डीआर एरियर दें: महासंघ
03-May-2026 5:28 PM
मप्र से मिले 2000 करोड़ से 88 माह का डीआर एरियर दें: महासंघ

पेंशनरों का छग सरकार पर बढ़ाया दबाव,ईमेल अभियान शुरू 

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

रायपुर, 3 मई ​ । छत्तीसगढ़ के पेंशनरों ने अपने लंबे समय से लंबित 88 माह के महंगाई राहत (डीआर) एरियर के भुगतान को लेकर अब निर्णायक दबाव बनाना शुरू कर दिया है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के नेतृत्व में हजारों पेंशनरों ने ईमेल अभियान चलाकर राज्य शासन से मांग की है कि मध्यप्रदेश से प्राप्त 2000 करोड़ रुपये की राशि में से उन्हें अंतरिम राहत के रूप में एरियर का भुगतान किया जाए।


महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा वर्षों से लंबित पेंशन देनदारियों का भुगतान नहीं किया जा रहा था, जिससे छत्तीसगढ़ को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। महासंघ ने वर्ष 2018 से लगातार राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इस गंभीर विषय की ओर ध्यान आकर्षित किया, लेकिन लंबे समय तक इस पर ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

नामदेव ने बताया कि वित्त विभाग के सचिव मुकेश बंसल द्वारा इस मामले की गंभीरता को समझते हुए परीक्षण कराया गया, जिससे यह तथ्य सामने आया कि मध्यप्रदेश द्वारा छत्तीसगढ़ के एक लाख से अधिक पेंशनरों के हिस्से की 74% राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ अपने हिस्से की 26% राशि मध्यप्रदेश के पांच लाख से अधिक पेंशनरों को नियमित रूप से दे रहा है।
इस खुलासे के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने मध्यप्रदेश से 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लंबित राशि की मांग की। मध्यप्रदेश ने  किस्तों में राशि देने की सहमति दी और प्रथम किस्त के रूप में 2000 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

महासंघ ने इस राशि को पेंशनरों का वैध अधिकार बताते हुए मांग की है कि 88 माह के लंबित डीआर एरियर का भुगतान किस्तों में प्रारंभ किया जाए और इस 2000 करोड़ रुपये को अंतरिम राहत की पहली किस्त के रूप में पेंशनरों को दिया जाए।

इस मुहिम को गति देने के लिए महासंघ ने प्रदेश महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी है। 
इसी के तहत प्रदेशभर के हजारों पेंशनरों ने छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग, संचालक बजट और संचालक पेंशन को ईमेल भेजकर अपने हक की मांग तेज कर दी है।
 महासंघ के पदाधिकारी जे पी मिश्रा-अनिल गोल्हानी , जे पी शुक्ला-राकेश जैन  , बी के वर्मा- बी एल ग़ज़पाल , आर एन ताटी- रूपकुमार झाड़ी, परमेश्वर स्वर्णकार- अरुण तिवारी , टी पी सिंह- रमेश नंदे जशपुर, प्रदीप सोनी- माणिकचंद तथा महिला प्रतिनिधि पदाधिकारी क्रमशः डॉ शेषा सक्सेना, द्रौपदी यादव, लता चावड़ा, जयमनी ठाकुर, जी रेणुराव, रामकुमारी नेताम, सी एम सिन्हा, पुष्पा वर्मा, मधुबाला सिंह , सुजाता मुखर्जी, कुंती राणा, रेखा श्रीवास्तव, सुषमा नामदेव,आदि ने राज्य के सभी पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों से अपील की है कि वे भी इस ईमेल अभियान से जुड़कर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं, ताकि लंबे समय से लंबित एरियर के भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके।


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