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कांग्रेस संगठन में खींचतान, जिला अध्यक्षों ने मांगी अधिक भूमिका
02-May-2026 4:59 PM
कांग्रेस संगठन में खींचतान, जिला अध्यक्षों ने मांगी अधिक भूमिका

 एक राय होकर पायलट को दिए सुझाव 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 2 मई। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष इन दिनों प्रदेश नेतृत्व से नाखुश नजर आ रहे हैं। बताया गया कि जिला अध्यक्षों ने एक राय होकर अपनी बातें प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट के समक्ष रखीं। उनका स्पष्ट कहना था कि जिलों में नियुक्तियां स्थानीय अनुशंसा के आधार पर ही की जानी चाहिए। साथ ही जिलों में प्रभारी महामंत्री के पद को बहाल करने की मांग भी उठाई गई।

शुक्रवार को हुई बैठक में सचिन पायलट ने जिला अध्यक्षों के साथ संगठन की गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक जिला अध्यक्षों ने बिना किसी व्यक्तिगत शिकायत के सामूहिक रूप से करीब 10 बिंदुओं पर अपने सुझाव रखे।

बताया गया कि कई जिलों में पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई है। रायपुर शहर जिला में तो नियुक्तियों को लेकर पीसीसी को हस्तक्षेप करना पड़ा और घोषित सूची में बदलाव करना पड़ा। इसी तरह अन्य जिलों में भी बिना सहमति ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति से संगठनात्मक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

जिला अध्यक्षों ने मोर्चा-प्रकोष्ठों के शीघ्र गठन की मांग करते हुए कहा कि इसमें उनकी अनुशंसा को महत्व दिया जाना चाहिए। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि इन प्रकोष्ठों के कार्यक्रम जिला अध्यक्ष की अनुमति से ही आयोजित हों।

 

प्रभारी महामंत्री के पद को लेकर भी असंतोष सामने आया। पीसीसी द्वारा कार्यालय मंत्री को प्रभारी बनाने के आदेश पर जिला अध्यक्षों ने असहमति जताई और पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग की।

बैठक में अनुशासन का मुद्दा भी उठा। जिला अध्यक्षों का कहना था कि सोशल मीडिया पर पार्टी नेताओं द्वारा अनुशासनहीनता बढ़ रही है, जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही निष्कासन जैसी कार्रवाई भी जिले की अनुशंसा के आधार पर ही होनी चाहिए।

सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ नेताओं के जिलों में दौरे की पूर्व सूचना नहीं मिलने और कार्यकारिणी के विस्तार में देरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।

जिला अध्यक्षों की बातों को सचिन पायलट ने ध्यानपूर्वक सुना, हालांकि उन्होंने मुख्य रूप से कार्यकारिणी विस्तार पर ही प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि यदि लगातार चार बैठकों में 90 प्रतिशत पदाधिकारी उपस्थित रहते हैं, तो वे स्वयं विस्तार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की पहल करेंगे।

बैठक में प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष मौजूद रहे।


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