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ग़ज़ा में मदद ले जा रहे ग्लोबल सुमूद फ़्लोटिला की 22 नावों को इसराइली सेना की ओर से रोके जाने पर पाकिस्तान समेत 11 देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर इसकी निंदा की है.
पाकिस्तान, बांग्लादेश, ब्राज़ील, कोलंबिया, जॉर्डन, लीबिया, मलेशिया, मालदीव, दक्षिण अफ़्रीका, स्पेन और तुर्की के विदेश मंत्रियों ने अपने संयुक्त बयान में इसराइल की इस कार्रवाई को 'हमला' बताया है.
बयान में कहा गया, "यह एक शांतिपूर्ण मानवीय पहल थी, जिसका मक़सद ग़ज़ा में मानवीय संकट की ओर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान खींचना था."
"नावों पर इसराइली हमले और अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में एक्टिविस्टों की ग़ैरक़ानूनी हिरासत अंतरराष्ट्रीय क़ानून का खुला उल्लंघन है."
इसके अलावा इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक्टिविस्टों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई है और इसराइली अधिकारियों से अपील की है कि उनकी तुरंत रिहाई के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएं.
फ़लस्तीन समर्थक एक्टिविस्टों का कहना है कि ग़ज़ा के लिए मदद लेकर जा रहे एक फ़्लोटिला (बेड़े) की 22 नावों को ग्रीस के क्रीट द्वीप के पास अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में इसराइली बलों ने रोक लिया है.
इसराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि क़रीब 175 एक्टिविस्ट को हिरासत में लिया गया है. (bbc.com/hindi)


