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लू का खतरा, छत्तीसगढ़ समेत 21 राज्यों को अलर्ट
28-Apr-2026 4:29 PM
लू का खतरा, छत्तीसगढ़ समेत 21 राज्यों को अलर्ट

एनएचआरसी ने सीएस से कार्ययोजना मांगी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

नई दिल्ली/रायपुर,27 अप्रैल। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश में बढ़ती गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए छत्तीसगढ़ समेत 21 राज्यों और दिल्ली को अग्रिम तैयारी करने और कमजोर वर्गों की सुरक्षा के लिए राहत उपाय लागू करने के निर्देश दिए हैं। इस सिलसिले में राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है, और कार्ययोजना उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

छत्तीसगढ़ के सभी शहरों में तापमान 40 से अधिक पहुंच गया है। रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर और रायपुर व दुर्ग के तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। तेज गर्मी के बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्यों को सतर्क किया है। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

आयोग ने कहा है कि लू की बढ़ती आवृत्ति, अवधि और तीव्रता का सबसे अधिक असर गरीब, हाशिए पर रहने वाले लोग, दिहाड़ी मजदूर, खुले में काम करने वाले श्रमिक और बेघर लोगों पर पड़ता है, क्योंकि उनके पास पर्याप्त संसाधन और आश्रय नहीं होते। इसके अलावा बुजुर्ग, बच्चे, शिशु और नवजात भी अत्यधिक गर्मी के स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। लू के कारण आजीविका पर असर पडऩे के साथ-साथ आग लगने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

 

एनएचआरसी ने इन राज्यों और दिल्ली के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में समन्वित और समावेशी उपायों को तत्काल लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। आयोग ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच भारत में लू या सनस्ट्रोक के कारण 3,712 लोगों की मौत दर्ज की गई है।

आयोग ने राज्यों से कहा है कि वे एनडीएमए द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार राहत उपायों की प्रभावी योजना बनाएं और उनका सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि लू के प्रभाव को कम किया जा सके और जनहानि रोकी जा सके।

साथ ही आयोग ने राज्यों -केंद्र शासित प्रदेशों से जिला स्तर पर की गई कार्यवाही की समेकित रिपोर्ट राज्य स्तर पर प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं।


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