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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, 28 अप्रैल। लगभग 14 वर्ष पुराने चर्चित हत्याकांड में पेण्ड्रा रोड स्थित द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने मुख्य आरोपी मीराबाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसकी अदायगी न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, यह मामला सितंबर 2012 का है। मरवाही थाना क्षेत्र के पंडरी गांव निवासी मीराबाई और उसके पति श्रवण सिंह का मृतक संजय सिंह के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते मीराबाई ने संजय सिंह को रास्ते से हटाने की साजिश रची। मीराबाई ने हत्या के लिए तीन लोगों को 30,000 में सुपारी दी थी, जिसमें से 29,000 रुपये अग्रिम रूप से नकद भुगतान किया गया। योजना के तहत 8 सितंबर 2012 को आरोपियों ने संजय सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत छिपाने के उद्देश्य से शव को ऐठी गांव के डबरी तालाब में फेंक दिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मीराबाई ने सेवका सिंह, बबलू उर्फ जगनारायण और भोलू उर्फ भोला गोंड को हत्या के लिए तैयार किया था। इन तीनों आरोपियों को अदालत पहले ही सजा सुना चुकी है।
मामले में राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कौशल सिंह ने पैरवी की। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष यह सिद्ध करने में पूरी तरह सफल रहा है कि मीराबाई ने पूरी जानकारी और मंशा के साथ हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिलाया।


