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घंटों बाद भी काबू पाने में मशक्कत
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर, 23 अप्रैल। अंबिकापुर शहर के राम मंदिर क्षेत्र स्थित घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में गुरुवार दोपहर एक प्लास्टिक व पटाखा गोदाम में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेज थी कि 5 घंटे से अधिक समय तक दमकल और एसडीआरएफ की टीमों के प्रयास के बावजूद पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। इस घटना में आसपास के कम से कम 8 मकान भी आग की चपेट में आ गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
जानकारी के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत राम मंदिर के पास स्थित मुकेश प्लास्टिक एवं पटाखा की दुकान में दोपहर लगभग 12 बजे वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी से आग भड़क उठी। प्रारंभ में कर्मचारियों और परिजनों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन दुकान में रखे प्लास्टिक सामान और बड़ी मात्रा में पटाखों के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही समय में पूरी दो मंजिला इमारत जलकर खाक हो गई।
पटाखों में लगातार हो रहे विस्फोटों से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घने धुएं के कारण राहत और बचाव कार्य में भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग से उठता धुएं का गुबार करीब 12 किलोमीटर दूर तक दिखाई दे रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाडिय़ां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की भयावहता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया गया। शाम 6 बजे तक लगभग 30 टैंकर पानी का उपयोग किया जा चुका है। एहतियात के तौर पर आसपास के मकानों को खाली करा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
आग की चपेट में आने वाले मकानों में प्रमोद पांडे, प्रताप पांडेय, अंसारी, उमर दराज अली, मूला, पवन जैन सहित अन्य लोगों के घर शामिल बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस घटना में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर अजीत वसंत और पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते रहे। कलेक्टर ने बताया कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और जल्द ही आग पर पूरी तरह काबू पा लेने की उम्मीद है।
वहीं क्षेत्रीय मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विश्रामपुर, सूरजपुर, दरिमा एयरपोर्ट और अंबिकापुर से अतिरिक्त फायर ब्रिगेड की गाडिय़ां मंगाई गई हैं। उन्होंने नागरिकों से सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करने की अपील की, ताकि भविष्य में आपात स्थिति में राहत कार्य में बाधा न आए।
इधर, नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताते हुए रिहायशी क्षेत्रों में ज्वलनशील पदार्थों के भंडारण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।




