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3.15 करोड़ ठगी मामले में बिल्डर और पार्टनर को राहत नहीं
19-Apr-2026 11:47 AM
3.15 करोड़ ठगी मामले में बिल्डर और पार्टनर को राहत नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 19 अप्रैल। कान्हा किसली में आईलैंड विकसित करने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में अदालत ने ने बिल्डर और उसके पार्टनर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि मामला गंभीर है और पीड़ित की आपत्तियां भी ठोस हैं, इसलिए इस स्तर पर राहत नहीं दी जा सकती।

यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मिनोचा कॉलोनी निवासी विशाल सिंह चंदेल की शिकायत का है। प्रारंभिक कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी दीपेंद्र और उसके पार्टनर कुसमाकर राव भोंसले को रायपुर से गिरफ्तार किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और फिलहाल वे बिलासपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं।

शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने कान्हा किसली में आईलैंड बनाने का प्रोजेक्ट बताकर अलग-अलग किश्तों में कुल 3.15 करोड़ रुपए लिए। निवेश के बाद न तो प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ और न ही रकम लौटाई गई।

पीड़ित का आरोप है कि जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। इतना ही नहीं, देनदारी से बचने के लिए एग्रीमेंट में हेरफेर करने की कोशिश भी की गई।

पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करना समेत अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब पैसों के लेन-देन और दस्तावेजों की विस्तृत पड़ताल कर रही हैं।

अदालत ने सुनवाई के दौरान पाया कि मामला बड़े आर्थिक अपराध से जुड़ा है और प्रथम दृष्टया आरोप गंभीर हैं। इसी आधार पर जमानत याचिका खारिज कर दी गई।


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