ताजा खबर
विधानसभा में चर्चा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 12 मार्च। विधानसभा में गुरुवार को वाणिज्य एवं उद्योग तथा श्रम विभाग के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 की 1,823 करोड़ 87 लाख 69 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इसमें वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के लिए 1,567 करोड़ 86 लाख 79 हजार रुपये तथा श्रम विभाग के लिए 256 करोड़ 90 हजार रुपये शामिल हैं।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने सदन में कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। राज्य को अब तक 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि का आवंटन अब ई-निविदा प्रणाली से किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
मंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में राज्य में 951 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनमें 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है और करीब 45 हजार रोजगार सृजित हुए हैं। बस्तर से सरगुजा तक 23 नए औद्योगिक क्षेत्र और पार्क विकसित किए जा रहे हैं। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बिलासपुर में कार्यरत महिलाओं के दो हॉस्टल बनाए जा रहे हैं, जिनके लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्टार्ट-अप मिशन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
श्रम विभाग के संबंध में मंत्री देवांगन ने बताया कि असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा मंडल के तहत 56 श्रेणियों के श्रमिकों के लिए वर्ष 2026-27 में 128 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा के लिए अभिनव पहल करते हुए अगले वर्ष 200 बच्चों को उत्कृष्ट स्कूलों में दाखिला दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि श्रमिक आवास योजना के तहत प्रति आवास सहायता राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। इसी तरह ई-रिक्शा सहायता राशि भी 1 लाख से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है।
आबकारी विभाग के संबंध में मंत्री ने कहा कि विभागीय दक्षता बढ़ाने के लिए 10 जिला अधिकारी और 85 आबकारी उपनिरीक्षकों की भर्ती की गई है, जबकि 200 आबकारी आरक्षकों की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वर्ष 2024-25 में 10,145 करोड़ रुपये आबकारी राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 20.35 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 12 हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नवा रायपुर में आबकारी विभाग के लिए कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण हेतु बजट में 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।


