ताजा खबर

होर्मुज से होकर एक तेल टैंकर मुंबई पहुंचा, एक अन्य पारादीप की राह पर
12-Mar-2026 9:09 PM
होर्मुज से होकर एक तेल टैंकर मुंबई पहुंचा, एक अन्य पारादीप की राह पर

नयी दिल्ली, 12 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत के लिए कच्चा तेल लेकर आ रहा एक विदेशी ध्वज वाला टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य को सकुशल पार कर मुंबई पहुंच गया है जबकि एक अन्य बड़ा टैंकर भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर ओडिशा के पारादीप बंदरगाह की तरफ बढ़ रहा है। यह जानकारी जहाज निगरानी आंकड़ों और उद्योग सूत्रों से मिली है।

क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष के कारण जलडमरूमध्य से टैंकर की आवाजाही काफी हद तक प्रभावित हुई है। ऐसे में इन जहाजों का सुरक्षित पहुंचना भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है।

लाइबेरिया के ध्वज वाला टैंकर ‘शेनलांग’ सऊदी अरब से लगभग 10 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर बुधवार शाम मुंबई बंदरगाह पहुंच गया। यह जहाज तीन मार्च को सऊदी अरब के रास तानुरा बंदरगाह से तेल लादकर रवाना हुआ था।

जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अपना अंतिम सिग्नल नौ मार्च को प्रसारित किया था। उसके बाद जहाज की स्वचालित पहचान प्रणाली (एआईएस) कुछ समय के लिए बंद कर दी गई थी। संभवतः इसी दौरान जहाज ने इस जलडमरूमध्य को पार किया। बाद में वह फिर जहाज निगरानी प्रणाली पर नजर आने लगा।

उद्योग सूत्रों ने कहा कि बुधवार को मुंबई बंदरगाह पर इस टैंकर के पहुंच जाने के बाद अब जहाज से तेल उतारने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

इसके अलावा, एक अन्य तेल टैंकर भी करीब 20 लाख बैरल इराकी कच्चा तेल लेकर भारतीय समुद्री क्षेत्र में पहुंच चुका है। भारतीय ध्वज वाला यह बहुत बड़ा टैंकर पारादीप की तरफ जा रहा है, जहां इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन की रिफाइनरी स्थित है।

भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 88 प्रतिशत आयात करता है और इसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

ऐसी स्थिति में जलडमरूमध्य के मार्ग से तेल एवं गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार ने ईरान के अधिकारियों से संपर्क साधा हुआ है। इस बीच, ऐसी अपुष्ट खबरें भी आई हैं जिनके मुताबिक ईरान ने भारतीय ध्वज वाले जहाजों को जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता देने पर सहमति जता दी है।

हालांकि, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इन खबरों को सही या गलत ठहराने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची के बीच हाल में तीन बार बातचीत हुई है। आखिरी बातचीत में दोनों पक्षों ने समुद्री जहाजों की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। अभी इस पर अधिक विवरण साझा करना जल्दबाजी होगी।’’

पोत परिवहन मंत्रालय में संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से 28 भारतीय जहाज फंस गए हैं। इन जहाजों पर सवार नाविकों की सुरक्षा के लिए लगातार नजर रखी जा रही है। (भाषा)


अन्य पोस्ट