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सीबीआई ने शराब नीति मामले में कविता को दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस सौंपा
12-Mar-2026 9:06 PM
सीबीआई ने शराब नीति मामले में कविता को दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस सौंपा

हैदराबाद, 12 मार्च। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता को शराब नीति मामले के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय का नोटिस सौंपा।

कविता ने 'एक्स' पर लिखा कि उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो द्वारा नोटिस दिया गया है।

इस नोटिस में कविता को सूचित किया गया है कि सीबीआई द्वारा निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर आवेदन/याचिका की सुनवाई 16 मार्च को होगी। कविता को हाल में दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में आरोपमुक्त कर दिया था।

नोटिस में लिखा था,“यदि आप आवेदन/याचिका के विरुद्ध कोई तर्क देना चाहें, तो आप निर्धारित तिथि पर या मामले की सुनवाई स्थगित होने पर किसी अन्य तिथि पर ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं। कृपया ध्यान दें कि निर्धारित तिथि पर और उपरोक्त तरीके से उपस्थित न होने की स्थिति में, आवेदन/याचिका पर आपकी अनुपस्थिति में एकतरफा सुनवाई और निर्णय लिया जाएगा।”

कविता ने कहा कि वह अपनी कानूनी टीम से परामर्श कर रही हैं और आधिकारिक माध्यमों से उचित उत्तर देंगी।

भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगी।

पूर्व सांसद कविता ने कहा, ‘‘जांच एजेंसी द्वारा उच्च न्यायालय में अपील दायर किए जाने पर नोटिस जारी करना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया है । मैं सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध करती हूं कि वे इसका किसी भी तरह से गलत अर्थ न निकालें जिससे हमारे कानूनी ढांचे की पवित्रता को ठेस पहुंचे।’’

दिल्ली उच्च न्यायालय ने नौ मार्च को शराब नीति मामले में सीबीआई के जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने की निचली अदालत की सिफारिश पर रोक लगा दी और इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और 22 अन्य लोगों को बरी किए जाने को चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर उनका (आरोपियों का) पक्ष जानना चाहा।

न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने सभी 23 आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि आरोप तय करने के चरण में निचली अदालत की कुछ टिप्पणियां और निष्कर्ष ‘प्रथम दृष्टया त्रुटिपूर्ण प्रतीत होते हैं और उन पर विचार करने की आवश्यकता है।’

उच्च न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को तय की और केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों को तब तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

अधीनस्थ अदालत ने 27 फरवरी को केजरीवाल, सिसोदिया और कविता समेत 21 अन्य लोगों को आरोपमुक्त कर दिया था और सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा था कि उसका मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह से विफल रहा और पूरी तरह से निराधार साबित हुआ। (भाषा)


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