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जिला पंचायत बनाएगी एक्शन प्लान, चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी योजनाएं
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 23 फरवरी। सात दिन की प्रशिक्षण यात्रा से लौटे बिलासपुर जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने भरोसा जताया है कि अब जिले की ग्राम पंचायतों में बदलाव दिखेगा। उनका कहना है कि जो मॉडल और तरीके महाराष्ट्र में देखे गए, उन्हें यहां लागू किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही ठोस कार्ययोजना तैयार की जाएगी और चरणबद्ध अमल शुरू होगा।
जिला प्रशासन के नवाचार उन्मुख कार्यक्रम के तहत प्रतिनिधियों को मुंबई स्थित कुशाभाऊ ठाकरे प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययन के लिए भेजा गया था। उद्देश्य था-अच्छा शासन, ग्रामीण विकास, जल संरक्षण, पारदर्शिता और जनभागीदारी के सफल मॉडल को करीब से समझना।
प्रशिक्षण के दौरान योजनाओं के सही क्रियान्वयन, वित्तीय प्रबंधन, ग्राम सभा की भूमिका और नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने व्यावहारिक सत्र लेकर प्रतिनिधियों को नई सोच के साथ काम करने की दिशा दी।
दल ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मॉडल गांव रालेगण सिद्धि का दौरा किया। यहां समाजसेवी अन्ना हजारे ने जल संरक्षण, श्रमदान और अनुशासन के जरिए गांव की तस्वीर बदली है।
प्रतिनिधियों ने वहां पानी बचाने की तकनीक, नशा मुक्ति अभियान, वृक्षारोपण और सामूहिक निर्णय प्रणाली को करीब से देखा।
इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने हिवड़े बाजार का अध्ययन किया। यहां जल प्रबंधन, खेती में विविधता, पंचायत की पारदर्शी कार्यप्रणाली और ग्रामीण आय बढ़ाने के प्रयोगों को समझा गया।
ग्राम सभा की सक्रिय भूमिका और सामूहिक नेतृत्व ने प्रतिनिधियों को खासा प्रभावित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी ने कहा कि अब सीखी गई बातों को जमीन पर उतारा जाएगा। जल संरक्षण, स्वच्छता, रोजगार सृजन और पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता दी जाएगी।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी लौटे प्रतिनिधियों से चर्चा कर भरोसा दिलाया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में प्रशासन हर संभव सहयोग देगा। विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जिला पंचायत सीईओ संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि ग्राम पंचायतों में इन नवाचारों को चरणबद्ध लागू किया जाएगा। वहीं उप संचालक पंचायत शिवानी सिंह ने इसे सिर्फ भ्रमण नहीं, बल्कि गांवों के लिए नई दिशा तय करने वाला कदम बताया।


