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राज्यपाल का अभिभाषण
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 फरवरी। विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को राज्यपाल रामेन डेका के अभिभाषण से शुरू हुआ। राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों, नीतियों और आगामी लक्ष्यों का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने नक्सल समस्या का जिक्र किया, और कहा कि सरकार ने नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बेहतर पॉलिसी बनाई है, जिसके फलस्वरूप भटके हुए युवा अब मुख्य धारा में शामिल हो रहे हैं। हथियार छोडक़र संविधान की प्रति हाथों में थाम रहे हैं। प्रदेश तेजी से माओवादी आतंक से मुक्ति की दिशा में बढ़ रहा है।
अभिभाषण में राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके संकल्प से बने राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास जारी है।
राज्यपाल ने किसानों के लिए समर्थन मूल्य पर 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी और 33 हजार 431 करोड़ रुपए भुगतान की जानकारी दी। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 10 हजार 292 करोड़ रुपए होली से पहले देने का निर्णय भी उल्लेखित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसान सम्मान निधि योजना से प्रदेश के 24 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की बात कही गई।
महिला सशक्तिकरण के तहत ‘महतारी वंदन योजना’ में लगभग 69 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपए दिए जाने तथा अब तक 15 हजार 596 करोड़ रुपए की राशि हस्तांतरित करने की जानकारी दी गई। ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ के तहत 6,412 जोड़ों के सामूहिक विवाह और इसके गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज होने का भी उल्लेख किया गया।
नक्सल उन्मूलन के मोर्चे पर दो वर्षों में 532 माओवादी न्यूट्रलाइज, 2704 आत्मसमर्पण और 2004 गिरफ्तारियों की जानकारी दी गई। बस्तर में सडक़, पुल और मोबाइल टॉवर विस्तार सहित ‘नियद नेल्ला नार योजना’ के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का जिक्र किया गया।
उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में नई औद्योगिक नीति के तहत 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई और फार्मा हब के रूप में विकसित करने तथा 300 बिस्तरों के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए बॉम्बे हॉस्पिटल के साथ एमओयू का उल्लेख किया गया।
स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, ऊर्जा, अधोसंरचना, वनाधिकार, जनजातीय विकास, पर्यटन और डिजिटल गवर्नेंस सहित विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों को अभिभाषण में रेखांकित किया गया। राज्यपाल ने कहा कि ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ का रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने क्लाइमेट चेंज पर चिंता जाहिर की, और कहा क्लाइमेट चेंज हमारे समय में सबसे बड़ी चुनौती है। इसका सामना करने के लिए सरकार वन क्षेत्र का दायरा बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। इंडियन स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में वन एवं वृक्ष अनावरण क्षेत्र में 683 वर्ग किमी की वृद्धि हुई है, जो देश में सर्वाधिक है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने अंदरूनी क्षेत्रों में सडक़ अधोसंरचना तैयार करने के साथ ही यहां के लोगों को परिवहन सुविधा प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना शुरू की है। इसमें प्रथम चरण में 57 मार्गों में इतनी ही बसों का संचालन किया जा रहा है, और इससे 330 गांवों में पहली बार यात्री बस सुविधा मिली है। अभिभाषण के अंत में राज्यपाल ने सदन के सभी सदस्यों से प्रदेश के समग्र विकास में सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
जहां कर्क रेखा गुजरती है वहां एस्ट्रो पार्क...
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में साइंस सिटी, और एस्ट्रो पार्क का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में साइंस सिटी स्थापित की जा रही है। सूरजपुर जिले के प्रतापपुर और मायापुर में जहां कर्क रेखा गुजरती है, वहां एस्ट्रो पार्क बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्कूली बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े प्रयोगों की सुविधा देने के लिए बस्तर और सरगुजा में नेशनल कॉउसिल ऑफ साइंस म्यूजियम कोलकाता के सहयोग से मोबाइल साइंस लैब की स्थापना की जा रही है।


