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राशन दुकान दिलाने के नाम पर 90 हजार की घूस ली
22-Feb-2026 10:29 AM
राशन दुकान दिलाने के नाम पर 90 हजार की घूस ली

रंगे हाथ पकड़ा गया फूड इंस्पेक्टर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 22 फरवरी। बिलासपुर एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम ने मस्तूरी के फूड इंस्पेक्टर को 90 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी ने सरकारी उचित मूल्य दुकान एक स्व-सहायता समूह को दिलाने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की थी।

विद्याडीह गांव के महेंद्र पटेल ने 3 फरवरी 2026 को एसीबी बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गांव की सरकारी राशन दुकान अभी ग्राम पंचायत संचालित कर रही है। करीब तीन महीने पहले विद्याडीह स्व-सहायता समूह ने इसे अपने नाम आवंटित करने के लिए मस्तूरी एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया था।

शिकायत के मुताबिक, फूड इंस्पेक्टर श्याम वस्त्रकार ने निरीक्षण रिपोर्ट और दुकान आवंटन आदेश जारी करने के बदले 1 लाख रुपये की मांग की। महेंद्र पटेल ने रिश्वत देने से इंकार किया और सीधे एसीबी से संपर्क किया।

शिकायत की जांच के बाद आरोप सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने ट्रैप प्लान किया। तय योजना के तहत 21 फरवरी को शिकायतकर्ता को 90 हजार रुपये लेकर फूड इंस्पेक्टर के पास भेजा गया।

जैसे ही बिलासपुर के महावीर सिटी स्थित घर पर शिकायतकर्ता ने रुपये दिए, पहले से घात लगाए एसीबी अधिकारियों ने फूड इंस्पेक्टर को पकड़ लिया। मौके से 90 हजार रुपये बरामद किए गए।

एसीबी के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह इस साल बिलासपुर में एसीबी की चौथी बड़ी ट्रैप कार्रवाई है। इससे पहले तहसीलदार, पटवारी, एसडीएम कार्यालय के क्लर्क और सीएसपीडीसीएल के अधिकारी-कर्मचारी भी पकड़े जा चुके हैं।

फूड इंस्पेक्टर के खिलाफ पहले भी जिले के राशन दुकानदारों ने अवैध वसूली की शिकायतें की थीं। आरोप था कि स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी बताकर नोटिस भिजवाए जाते थे और बाद में समझौते के नाम पर दबाव बनाकर रकम वसूली जाती थी।

कई व्यापारियों ने उच्च अधिकारियों तक शिकायत पहुंचाई थी। अब गिरफ्तारी के बाद पुराने मामले फिर चर्चा में आ गए हैं।


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