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बिलासा एयरपोर्ट को बजट में दें 200 करोड़, संघर्ष समिति ने रखी मांग
17-Feb-2026 11:01 AM
बिलासा एयरपोर्ट को बजट में दें  200 करोड़, संघर्ष समिति ने रखी मांग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 17 फरवरी। बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर 6 वर्षों से अधिक समय से आंदोलन कर रही जन संघर्ष समिति ने मांग की है है कि आने वाले राज्य बजट में रनवे बढ़ाने और नया टर्मिनल बनाने के लिए कम से कम 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाए। अगर इस साल बजट में राशि नहीं मिली तो दोनों अहम काम ठंडे बस्ते में चले जाएंगे।

संघर्ष समिति ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी से यह आग्रह किया है। समिति का कहना है कि यह केवल बिलासपुर की जरूरत नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के संतुलित विकास का सवाल है।

उनका कहना है कि अगर एयरपोर्ट का विस्तार नहीं हुआ तो निवेश, उद्योग और स्वास्थ्य-शिक्षा के बड़े अवसर बिलासपुर से दूर ही रहेंगे।

समिति ने आरोप लगाया कि राज्य में पूरी तरह सुविधायुक्त हवाई अड्डा केवल रायपुर में है, इसलिए बड़े प्रोजेक्ट और निवेश भी वहीं केंद्रित हो रहे हैं। इसका असर यह है कि बाकी जिलों का विकास पिछड़ता जा रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं का उदाहरण देते हुए समिति ने कहा कि रायपुर में करीब 10 मल्टी और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हैं, जबकि बिलासपुर में अपोलो के अलावा कोई बड़ी निजी सुविधा नहीं है। सरकारी मेडिकल कॉलेज की स्थिति भी किसी से छिपी नहीं है। सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें अक्सर खराब रहती हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी हालात लगभग ऐसे ही हैं। बेहतर परिवहन सुविधा नहीं होने से बड़े संस्थान अन्य जिलों में आने से कतराते हैं।

समिति ने कहा कि तमिलनाडु में छह और कर्नाटक में आठ हवाई अड्डे संचालित हो रहे हैं। क्षेत्रफल के लिहाज से ये राज्य छत्तीसगढ़ के आसपास ही हैं, फिर भी वहां हवाई कनेक्टिविटी बेहतर है। जबकि छत्तीसगढ़ लगभग पूरी तरह रायपुर पर निर्भर है।  


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