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स्मार्ट मीटर से डरें नहीं, जागरूकता पखवाड़ा में बिजली विभाग कर रहा आश्वस्त
17-Feb-2026 11:01 AM
स्मार्ट मीटर से डरें नहीं, जागरूकता पखवाड़ा में बिजली विभाग कर रहा आश्वस्त

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 17 फरवरी। बिलासपुर शहर में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही उलझन और अफवाहों के बीच बिजली विभाग ने कहा है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह भरोसेमंद हैं और इनमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

कुछ दिन पहले छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने के लिए अलग-अलग इलाकों में स्मार्ट मीटर पखवाड़ा शुरू किया है।

विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर पूरी तरह ऑटोमैटिक सिस्टम पर काम करते हैं। इनमें इंसानी हस्तक्षेप नहीं होता, इसलिए गलत रीडिंग या गलत बिल की संभावना बहुत कम रहती है। साथ ही, इससे बिजली चोरी पर भी रोक लगेगी।

बिलासपुर शहर में करीब 1 लाख 44 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 96 हजार घरों और प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह काम एम/एस जीनस कंपनी द्वारा किया जा रहा है।

मीटर लगाने के बाद उसकी जानकारी एसएपी सिस्टम में दर्ज की जाती है। इसके बाद नया बिल स्मार्ट मीटर की रीडिंग के आधार पर जारी होता है। विभाग के अनुसार, 96 हजार में से लगभग 99 प्रतिशत मीटरों की एंट्री एसएपी में हो चुकी है और उन्हीं के अनुसार बिल बन रहे हैं। बाकी मीटरों की एंट्री का काम भी तेजी से चल रहा है और अगले महीने के बिल तक पूरा कर लिया जाएगा।

उपभोक्ताओं के सवालों पर विभाग के अधिकारी बता रहे हैं कि कुछ मामलों में मानवीय भूल से मीटर की जानकारी दर्ज नहीं हो पाती, जिससे औसत बिल जारी हो जाता है। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने पर विभाग तुरंत सुधार करता है और पहले जारी औसत बिल को समायोजित कर देता है।अगर किसी उपभोक्ता को एकमुश्त ज्यादा बिल मिलता है तो नियम के अनुसार स्लैब की सुविधा देकर बिल को समायोजित किया जाता है।

बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालन निदेशक ए.के. अम्बस्ट ने कहा है कि स्मार्ट मीटर या बिलिंग से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए संबंधित फील्ड ऑफिस में संपर्क करें। विभाग के अधिकारी जीनस कंपनी से समन्वय कर तुरंत सुधार करवाएंगे।


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