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-आसिफ अली
उत्तराखंड में कांग्रेस ने सोमवार को देहरादून में शक्ति प्रदर्शन किया. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में हज़ारों कार्यकर्ता लोक भवन (राजभवन) की ओर कूच के लिए परेड ग्राउंड में जुटे.
बढ़ते अपराध, बेरोज़गारी और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने 'राजभवन घेराव' किया.
कूच में प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और अलका लांबा समेत प्रदेशभर से कार्यकर्ता शामिल हुए. पुलिस से कार्यकर्ताओं की तीखी झड़प हुई.
पुलिस ने तीन लेयर्स में बैरिकेडिंग की थी, जिन्हें पार करने की कोशिश में धक्का-मुक्की हुई. प्रशासन ने रैली से पहले शहर में लगे पोस्टर और बैनर हटवा दिए थे, जिसे कांग्रेस ने "सरकार की घबराहट" बताया.
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे सरकार की नीतियों के ख़िलाफ़ "हल्ला-बोल" क़रार देते हुए कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार और महंगाई चरम पर हैं, महिला के ख़िलाफ़ अपराध बढ़ रहे हैं और जंगली जानवरों के हमलों से गांव खाली हो रहे हैं.
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि भाजपा का "भय और भ्रष्टाचार-मुक्त" शासन का वादा पूरा नहीं हुआ. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और हरक सिंह रावत ने भी क़ानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए.
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने कहा, “हमने राजभवन घेराव इसलिए रखा क्योंकि प्रदेश में महिला अपराध बढ़ रहे हैं और क़ानून-व्यवस्था चरमराई हुई है. लेकिन कार्यक्रम से पहले ही हमारे बैनर-पोस्टर हटवाकर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन किया जा रहा है.” कांग्रेस ने इसे 90 दिन के सरकार-विरोधी अभियान की शुरुआत बताया है. (bbc.com/hindi)


