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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
महासमुंद, 14 फरवरी। जंगलबेड़ा में प्रस्तावित सोलर प्लांट को लेकर ग्रामीणों ने सरायपाली स्थित एसडीएम कार्यालय के सामने धरना शुरू किया है। धरने में क्षेत्र की विधायक चातुरी नंद भी शामिल हैं। शनिवार दोपहर 2 बजे समाचार लिखे जाने तक धरना जारी था।
सरायपाली विधायक चातुरी नंद का कहना है - मैं गांव की मां-बहनों और बच्चों का भविष्य बचाने सड़क पर बैठी हूं। यह केवल धरना नहीं है, यह अन्याय के खिलाफ आत्मसम्मान की आवाज है। मैं उनके साथ थी, हूं और तब तक रहूंगी जब तक न्याय नहीं मिलेगा, यह संघर्ष रुकेगा नहीं।
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार शाम लगभग 4 बजे सैकड़ों महिलाएं और पुरुष एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उस समय एसडीएम अनुपमा आनंद कार्यालय में मौजूद थीं। चर्चा नहीं होने पर विधायक और ग्रामीण कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। धरना रात भर जारी रहा। विधायक ने बताया कि वे ग्रामीणों के साथ तब तक रहेंगी जब तक मांगों पर निर्णय नहीं होता।
ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलबेड़ा में प्रस्तावित गोदावरी सोलर प्लांट के लिए ग्रामसभा की अनुमति के बिना निर्माण कार्य शुरू किया गया है। उनका कहना है कि इससे कृषि भूमि और जलस्रोत प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शासन की 'हरेली सहेलीÓ योजना के तहत लगभग 90 परिवारों को आवंटित भूमि से उन्हें बेदखल किया गया है। उनके अनुसार, सोलर प्लांट निर्माण के कारण सार्वजनिक रास्तों, तालाबों और एनीकट को नुकसान पहुंचा है तथा क्षेत्र के जलस्रोत प्रभावित हुए हैं।
सरपंच मधुबन भोई और पंच घासीराम चौहान सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने कलेक्टर, महासमुंद को इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो वे भूख हड़ताल पर विचार करेंगे।
ग्रामसभा की अनुमति के बिना प्लांट निर्माण शुरू-विधायक
विधायक चातुरी नंद ने कहा कि ग्रामसभा की अनुमति के बिना प्लांट निर्माण शुरू किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेड़ों की कटाई और भूमि उपयोग से संबंधित अनियमितताएं हुई हैं। विधायक ने यह भी कहा कि यदि उद्योग मंत्री ने विधानसभा में ग्रामसभा की अनुमति नहीं होने की जानकारी दी है, तो निर्माण कार्य की वैधता स्पष्ट की जानी चाहिए।
धरना स्थल पर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी छुईपाली के अध्यक्ष तन्मय पंडा, विधायक प्रतिनिधि दीपक साहू, कांग्रेस नेता रूपानंद पटेल सहित अन्य स्थानीय प्रतिनिधि मौजूद थे।
समाचार लिखे जाने तक जिला प्रशासन या संबंधित कंपनी प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।



