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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 14 फरवरी। शुक्रवार को नगर निगम की सामान्य सभा बैठक हंगामे की भेंट चढ़ गई। लिंगियाडीह क्षेत्र में कथित अतिक्रमण हटाने और पट्टा वितरण को लेकर कांग्रेस पार्षदों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने निगम गेट पर धरना शुरू कर दिया। देखते ही देखते लखीराम ऑडिटोरियम परिसर में प्रदर्शनकारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। हालात बिगड़ते देख निगम अधिकारियों ने ऑडिटोरियम का गेट बंद कर दिया और पुलिस बुला ली।
विपक्ष के नेता भरत कश्यप के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि सड़क और गार्डन निर्माण के नाम पर गरीब परिवारों के घर गिराए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन ने पहले पट्टा देने का भरोसा दिया और कई लोगों से पैसे भी लिए, लेकिन अब तक पट्टा नहीं मिला।लोगों ने इसे गरीबों के साथ अन्याय बताते हुए निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
मामला तब और गरमा गया जब शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और जिला अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री मौके पर पहुंचे। आरोप है कि निगम कर्मचारियों ने गेट बंद कर उन्हें बैठक में प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद निगम कर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
गेट पर रोके जाने से नाराज कार्यकर्ता और लिंगियाडीह की महिलाएं सड़क पर बैठ गईं। करीब एक घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक व्यवस्था और वैध पट्टा नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस अधिकारियों ने समझाइश देकर हालात संभालने की कोशिश की। देर शाम तक धरना जारी रहा, जिससे सामान्य सभा की कार्यवाही भी प्रभावित हुई।


