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नक्सलियों के पुनर्वास के लिए कदम उठा रहे-शर्मा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 13 फरवरी। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रयोग से पुलिस प्रक्रिया तीव्र एवं आसान हुई है। उन्होंने बताया कि आइसीजेएस के तहत पांचों स्तंभों पुलिस, अभियोजन, फारेंसिक, जेल एवं न्यायालय को एकीकृत करने की प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी है।
श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर की शांति के लिए सरकार प्रतिबद्ध है और सशस्त्र नक्सलवाद के खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 का दिन निर्धारित है। उन्होंने बताया कि पुनर्वासित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं, जैसे कि उन्हें आजीविका मूलक प्रशिक्षण देना, शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ देना, 5जी मोबाइल फोन देना, और शैक्षणिक भ्रमण कराना।
श्री शर्मा ने बताया कि जेलों में व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर राज्य की चार केन्द्रीय जेल रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर तथा अंबिकापुर को आई.एस.ओ. प्रमाणन भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि युवा बंदियों को सकारात्मक रचनात्मक रूझान प्रदान करने के लिए केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में सरगुजा स्कूल ऑफ ऑर्ट्स की स्थापना की गई है, जहां युवा बंदियों को ड्राईंग, पेंटिंग, योग इत्यादि कलाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके अलावा, श्री शर्मा ने बताया कि पुलिस कर्मियों के लिए बीमा सुविधा शुरू की गई है, जिसमें 08 बैंकों के साथ एमओयू किया गया है। उन्होंने कहा कि अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख अपनाते हुए, राज्य में टोल फ्री नम्बर जारी कर अवैध प्रवासियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।


