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चेन्नई, 13 फरवरी। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने महिला लाभार्थी योजना के तहत 1.31 करोड़ लाभार्थियों के खाते में पांच-पांच हजार रुपये जमा किए हैं।
विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले उठाए गए इस कदम की विपक्षी दल आलोचना कर रहे हैं और इसे ‘‘चुनाव में हार के डर’’ से उठाया गया कदम बता रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगर आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) पार्टी सत्ता में आती है तो वे मासिक सहायता दोगुनी करके 2,000 रुपये कर देंगे।
उन्होंने बताया कि कलैगनार महिला पात्रता योजना के लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 5,000 रुपये जमा कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘आपको आज सुबह 5,000 रुपये मिल गए होंगे। मैंने यह राशि इसलिए प्रदान करने का निर्णय लिया है क्योंकि कुछ स्वार्थी तत्व आगामी चुनाव का हवाला देकर योजना को स्थगित करने का प्रयास कर रहे हैं।’’
उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश में कहा, ‘‘इसलिए, महिलाओं को मिलने वाली मासिक वित्तीय सहायता से वंचित करने के प्रयास का मुकाबला करने के लिए हमने फरवरी से तीन महीने तक यह राशि प्रदान करने तथा इसके अलावा गर्मियों के दौरान उनके खर्चों को पूरा करने के लिए 2,000 रुपये भी प्रदान करने का निर्णय लिया है।’’
स्टालिन ने संदेश में कहा, ‘‘इतना ही नहीं, द्रमुक के इस साल सत्ता में वापस आने के बाद 1,000 रुपये की मासिक राशि बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी।’’
द्रमुक के अध्यक्ष स्टालिन ने कहा, ‘‘मैं बहनों से अपील करता हूं कि वे अपने बच्चों की शिक्षा संबंधी जरूरतों, दवाइयों या अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए इस राशि का विवेकपूर्ण उपयोग करें।’’
उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी पार्टी सत्ता में वापस आएगी।
स्टालिन ने कहा कि जब उन्होंने 2021 में मुख्यमंत्री का पदभार संभाला तो उनकी सरकार को महामारी और पिछली अन्नाद्रमुक (ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम) सरकार द्वारा छोड़े गए ‘‘वित्तीय संकट’’ सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने वीडियो संदेश में कहा, ‘‘हमने आपकी आजीविका की रक्षा के लिए 4,000 रुपये की राहत राशि प्रदान की। पिछली अन्नाद्रमुक सरकार द्वारा छोड़े गए गंभीर वित्तीय संकट से उबरने के बाद, हमने कई योजनाएं लागू कीं।’’
इस आलोचना के बावजूद कि यह योजना व्यावहारिक नहीं है, सरकार ने सितंबर 2023 से 1,000 रुपये की ‘कलैगना मगलीर उरिमाई थोगई’ योजना को सफलतापूर्वक लागू किया। शुरू में 1.13 करोड़ महिलाओं के लिए और बाद में इसका विस्तार कर इसमें परिवार की कई महिला मुखिया राशन कार्डधारकों को शामिल किया गया, इस तरह आज कुल लाभार्थियों की संख्या 1.31 करोड़ हो गई है।
विधानसभा में विपक्ष के नेता एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘‘यह घोषणा मुख्यमंत्री के चुनाव में हार के डर को दर्शाती है।’’
पलानीस्वामी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘स्टालिन के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में आने के बाद 28 महीनों तक इस योजना को लागू नहीं किया, अब तीन महीने की किस्त के साथ ग्रीष्मकालीन विशेष अनुदान दे रही है।’’
उन्होंने दावा किया कि अन्नाद्रमुक ने इस वर्ष अपनी पार्टी के नेतृत्व में राज्य में अगली सरकार बनने पर परिवार की महिला मुखियाओं को 2,000 रुपये की मासिक सहायता प्रदान करने का वादा किया था जिसके चुनावी वादे के बाद स्टालिन ने मासिक राशि में वृद्धि की।
अभिनेता से नेता बने विजय ने आश्चर्य जताया कि क्या गर्मी सिर्फ इस साल ही आई है, जिससे मुख्यमंत्री ने 2,000 रुपये का विशेष अनुदान घोषित किया।
तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) के संस्थापक ने राज्य सरकार से मासिक सहायता राशि को हर महीने की निर्धारित 15 तारीख से दो दिन पहले वितरित करने पर सवाल उठाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और पूर्व राज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन ने इस घोषणा की कड़ी निंदा करते हुए कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने चुनाव में हार के डर से यह घोषणा की है।’’
अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के महासचिव टी टी वी दिनाकरन ने कहा कि अगर द्रमुक सरकार हर महिला को 50,000 रुपये भी प्रदान करती है, तो भी सत्तारूढ़ पार्टी को चुनाव में निश्चित रूप से हार का सामना करना पड़ेगा।
द्रमुक की सहयोगी कांग्रेस ने इस कदम का स्वागत किया और कहा कि इससे महंगाई के बोझ तले दबे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को वास्तव में राहत मिलेगी। (भाषा)


