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नयी दिल्ली, 13 फरवरी। पीरागढ़ी तिहरे हत्याकांड की जांच में गिरफ्तार तांत्रिक की गतिविधियों के बारे में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं जिनमें एक यह भी है कि वह कथित तौर पर ग्राहकों से महिलाओं की तस्वीरें भेजने के लिए कहता था तथा उन्हें 'जिन्न' द्वारा उनके साथ (महिलाओं के साथ) 'शारीरिक संपर्क' स्थापित करने के बाद 'धनवर्षा' का वादा करता था। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के कमरुद्दीन उर्फ बाबा को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि उस पर तीन लोगों की हत्या का आरोप है जिनके शव आठ फरवरी को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक लावारिस कार के अंदर मिले थे।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने कथित तौर पर 'सल्फास' (एल्यूमीनियम फॉस्फाइड, एक प्रतिबंधित कीटनाशक), नींद की गोलियां और कोल्ड ड्रिंक का एक घातक मिश्रण तैयार किया था, जिसे उसने इन तीनों को पिलाया और फिर उनकी तत्काल मृत्यु हो गई।
पुलिस ने कहा कि वह फिरोजाबाद के एक व्यक्ति से पूछताछ कर रही है जिस पर सल्फास की आपूर्ति करने का संदेह है।
उसने कहा कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि नींद की गोलियां कहां से ली गईं तथा आरोपी ने इस जहरीले मिश्रण को तैयार करना कैसे सीखा।
पुलिस के अनुसार जांचकर्ताओं को मृत महिला लक्ष्मी के फोन से लड़कियों और महिलाओं की कई तस्वीरें मिलीं तथा उन तस्वीरों में महिलाएं खुले बालों के साथ खड़ी हैं एवं उनके हाथों में व्यक्तिगत जानकारी वाले कागज थे। आरोप है कि ये तस्वीरें ग्रुपों में प्रसारित की गईं और कई संपर्कों के बीच साझा की गईं।
पुलिस के अनुसार, कमरुद्दीन ने कथित तौर पर अपने ग्राहकों से कहा कि यदि वे उसे लगभग दो लाख रुपये देते हैं तथा उसके घर में लंबी बालों वाली कोई महिला है तो उन पर धनवर्षा होगी।
पुलिस के मुताबिक तांत्रिक ने उनसे कहा कि 'जिन्न' उस महिला के साथ 'शारीरिक संपर्क' स्थापित करेगा तथा उसे इसका अहसास भी नहीं होगा।
पुलिस ने कहा कि ग्राहकों को कोई प्रतिफल न मिलने पर जब संदेह हुआ, तो तांत्रिक ने कथित तौर पर महिला के किसी जानवर द्वारा काटे जाने या सर्जरी होने जैसे कारण बताए।
पुलिस ने बताया कि वह बिना टांके लगाए शल्य चिकित्सा करने का दावा करके भी पीड़ितों को फंसाता था और कथित तौर पर हर बार 7,000 रुपये तक वसूलता था।
मृत व्यक्ति नरेश की जेब से एक 'जिन्न मंत्र' बरामद हुआ, जबकि कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण से जांचकर्ताओं को आरोपी तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस ने बताया कि लक्ष्मी ने आरोपी की ‘लोकेशन’ नरेश के साथ साझा की थी, जिससे पुलिस को उसका पता लगाने में मदद मिली।
कमरुद्दीन आधिकारिक तौर पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली में छह हत्या के मामलों से जुड़ा हुआ है, जबकि पुलिस को दो अन्य हत्याओं में भी उसकी संलिप्तता का संदेह है। जब पुलिस एक बच्चे के इलाज का बहाना बनाकर ग्राहक के रूप में लोनी में उसके आवास पर पहुंची, तो उसने कथित तौर पर 15 फुट ऊंची दीवार फांदकर भागने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसे पकड़ लिया गया।
उसके पड़ोस के लोग कथित तौर पर उससे डरते थे क्योंकि वह झगड़ों के दौरान लोगों को धमकाता था और उन्हें डराने के लिए उनके घरों के बाहर संदिग्ध वस्तुएं छोड़ देता था। उस पर यह भी आरोप है कि वह ग्राहकों से बैठकों के दौरान अपने फोन को ‘फ्लाइट मोड’ पर रखने के लिए कहता था।
पुलिस ने उसके वित्तीय लेन-देन, संपर्कों और अन्य राज्यों में इसी तरह की हत्याओं से संभावित संबंधों की जांच का दायरा बढ़ा दिया है। फिरोजाबाद में भूखंडों और एक विवाह हॉल समेत उसकी संपत्तियों को कुर्क किये जाने की संभावना है।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सीसीटीवी कैमरों की निगरानी वाले स्थानों पर पीड़ितों की कार में चढ़ने या उतरने से जानबूझकर परहेज किया। उसे शुक्रवार को अपराध का नाट्य रुपांतरण करने करने के लिए लोनी ले जाया जा रहा है।
इससे पहले, पुलिस ने कहा था कि पूछताछ के दौरान 72 वर्षीय तांत्रिक के चेहरे पर 'पछतावे का कोई संकेत नहीं' दिखा।
कमरुद्दीन पर आरोप है कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगों को धनवान बनाने का झूठा वादा करता था और फिर उन्हें जहर मिलाकर खाने-पीने की चीजें खिलाकर मार डालता था।
कॉल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी से पता चला है कि वह बड़ी संख्या में लोगों के संपर्क में था, जिनकी अब पुष्टि की जा रही है।
पुलिस मौजूदा मामले और उत्तर प्रदेश और राजस्थान में उसके खिलाफ पहले दर्ज किए गए मामलों के बीच समानता की जांच कर रही है, जिसमें समान कार्यप्रणाली की आशंका है।
वित्तीय और तकनीकी जांच जारी रहने के साथ ही जांचकर्ताओं का मानना है कि और भी पीड़ित उससे जुड़े हो सकते हैं।
पहले तो धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन अब पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 123 (अपराध करने के इरादे से जहर देना) भी जोड़ दी है।
प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि घटना के कथित सीसीटीवी फुटेज में आरोपी को दोपहर 3:02 बजे पीड़ितों की कार से गुलाबी बैग लेकर उतरते हुए देखा गया है। (भाषा)


