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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 12 फरवरी। शहर में गुरुवार सुबह आयकर विभाग की बड़ी टीम ने कोयला कारोबारी प्रवीण झा के फील ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई शुरू कर दी। सुबह-सुबह पहुंची टीम ने दफ्तर, आवास और संयंत्रों में दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी। कार्रवाई की खबर फैलते ही व्यापारिक वर्ग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया।
आयकर विभाग की गाड़ियां एसआईआर सर्वे टीम के स्टिकर के साथ शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुंचीं। श्रीकांत वर्मा मार्ग स्थित कार्यालय, रामा वर्ल्ड स्थित निवास और घुटकू स्थित प्लांट पर एक साथ दस्तावेज, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, फाइलें और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई है और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
बिलासपुर के साथ-साथ जांजगीर-चांपा में भी आयकर टीम सक्रिय रही। यहां तिरुपति मिनरल्स के कार्यालय में जांच की गई। सूत्रों के अनुसार अलग-अलग टीमों ने समानांतर रूप से वित्तीय लेन-देन और खातों की बारीकी से पड़ताल की।
हालांकि विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। जांच किस विशिष्ट बिंदु पर केंद्रित है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक पड़ताल में बड़े पैमाने पर कोयला मिक्सिंग और टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। आरोप है कि वास्तविक आय की तुलना में कम कर अदा किया जा रहा था और विभिन्न तरीकों से राजस्व को प्रभावित किया जा रहा था। विशेषज्ञों के मुताबिक कंपनी के अभिलेखों में कई विसंगतियां पाई गई हैं।
दिसंबर 2025 में राज्य जीएसटी टीम ने बिलासपुर में तीन प्रमुख कोयला कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। उस कार्रवाई के बाद महावीर कोल वाशरी ने 10 करोड़, फील ग्रुप ने 11 करोड़ और पारस कोल वाशरी ने 6.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए थे। कुल मिलाकर 27.50 करोड़ की राशि जमा कराई गई थी। माना जा रहा है कि आयकर विभाग को उसी कार्रवाई से अहम इनपुट मिले थे।
फील ग्रुप के संचालक प्रवीण झा को शहर के बड़े कोयला व्यापारियों में गिना जाता है। ऐसे में इस कार्रवाई ने व्यापारिक जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल आयकर विभाग की टीम दस्तावेजों और लेन-देन की छानबीन में जुटी हुई है।


