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चार श्रम कानूनों के विरोध में कोरबा की खदानों में हड़ताल
12-Feb-2026 1:40 PM
चार श्रम कानूनों के विरोध में कोरबा की खदानों में हड़ताल

पहले शिफ्ट में उत्पादन प्रभावित, कुछ यूनियनों ने बताया सफल

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

कोरबा, 12 फरवरी। केंद्र सरकार द्वारा लागू चार श्रम कानूनों के विरोध में औद्योगिक प्रतिष्ठानों से जुड़े केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर गुरुवार सुबह 6 बजे से कोरबा क्षेत्र की खदानों में हड़ताल शुरू हो गई। दक्षिण पूर्वी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की विभिन्न खदानों में यूनियन प्रतिनिधियों ने प्रदर्शन करते हुए मजदूरों से काम पर नहीं जाने की अपील की।

सुबह की पहली पाली में एचएमएस, इंटक, एटक और सीटू से जुड़े पदाधिकारी खदान परिसर पहुंचे और नियमित व ठेका श्रमिकों को ड्यूटी पर जाने से रोकने का प्रयास किया। यूनियन नेताओं का दावा है कि बड़ी संख्या में श्रमिक स्वेच्छा से हड़ताल में शामिल हुए, जिससे खदानों में नियमित कर्मचारियों की उपस्थिति कम रही।

ठेका कंपनियों के कुछ वाहन खदान से बाहर निकले, हालांकि प्रदर्शनकारी यूनियन प्रतिनिधियों ने उन्हें भी रोकने की कोशिश की। कई ठेका श्रमिक ड्यूटी पर नहीं पहुंचे, जबकि कुछ को कार्यस्थल पर जाना पड़ा।

पिछले कई दिनों से श्रमिक संगठनों द्वारा गेट मीटिंग और जागरूकता अभियान चलाकर कर्मचारियों से हड़ताल में भागीदारी की अपील की जा रही थी।

एक दिवसीय हड़ताल के बावजूद आवश्यक सेवाओं को बाधित नहीं होने दिया गया। स्कूल, अस्पताल, पानी और बिजली आपूर्ति जैसी सेवाएं सुचारु रहीं। परीक्षाओं को देखते हुए बस सेवाएं भी संचालित होती रहीं। यूनियन प्रतिनिधियों ने आवश्यक सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों को कार्य पर जाने की अनुमति दी।

भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने पूर्व में ही हड़ताल से दूरी बनाने की घोषणा की थी। बीएमएस से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता ड्यूटी पर पहुंचे, जिससे कुछ खदानों में सीमित स्तर पर कार्य जारी रहा।

बीएमएस का आरोप है कि कुछ केंद्रीय ट्रेड यूनियन और संयुक्त किसान मोर्चा राजनीतिक उद्देश्यों से यह आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि बीएमएस ने श्रम संहिताओं के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति जताई है, पर श्रम मंत्री द्वारा संशोधन का आश्वासन मिलने की बात भी कही।

कोरबा क्षेत्र में हड़ताल को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। उत्पादन और उपस्थिति के अंतिम आंकड़े आने के बाद ही इसका वास्तविक प्रभाव स्पष्ट हो सकेगा।


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