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नयी दिल्ली, 11 फरवरी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी विपक्ष के नोटिस में कमियां पाई गईं थी, जिसके बाद खुद बिरला ने इसमें सुधार करवा के कार्यवाही करने का निर्देश अपने सचिवालय को दिया। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि नोटिस में कुछ घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए चार जगहों पर वर्ष 2026 के बजाय 2025 लिखा गया था और इस आधार पर नोटिस को
खारिज भी किया जा सकता था।
विपक्ष ने बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा महासचिव को सौंपा और बिरला पर पक्षपातपूर्ण तरीके से सदन संचालित करने, कांग्रेस सदस्यों पर झूठे इल्जाम लगाने तथा अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।
लोकसभा सचिवालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया, ‘‘विपक्षी सांसदों द्वारा मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए दिए गए नोटिस में कमियां पाई गईं। घटनाओं का उल्लेख करते हुए चार बार फरवरी, 2025 लिखा गया है जिसके आधार पर नियमानुसार नोटिस को ख़ारिज किया जा सकता था।’’
उन्होंने बताया, ‘‘लोकसभा अध्यक्ष ने सचिवालय को निर्देश दिया कि दोषपूर्ण नोटिस में सुधार करवा के इस पर कार्यवाही की जाए। बिरला ने नियमों के अनुसार त्वरित कार्यवाही के आदेश दिए।’’
सूत्रों का यह भी कहना है कि नोटिस बजट सत्र के द्वितीय चरण की शुरुआत होने पर विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है। बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत नौ मार्च को होगी।
उन्होंने कहा, ‘‘संशोधित नोटिस प्राप्त होने के बाद नियमों के अनुसार त्वरित परीक्षण किया जाएगा।’’
सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले का निपटारा होने तक बिरला आसन पर नहीं बैठेंगे। (भाषा)


