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'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 11 फरवरी। प्रेमी के हमले में गंभीर रूप से घायल 22 वर्षीय युवती ने सात दिनों तक मौत से संघर्ष करने के बाद मंगलवार को दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवा दिया है।
जूना बिलासपुर करबला निवासी निशा श्रीवास एक सैलून में काम करती थी। उसका संबंध सरकंडा के अशोक नगर निवासी शुभम नायडू (28) से था, जो एक निजी बैंक में कार्यरत था। दोनों ने प्रेम विवाह किया था और उनका एक बेटा भी है। परिजनों के अनुसार विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था।
3 फरवरी की रात शुभम, निशा को बाइक से कोरबा ले गया। भारतमाला मार्ग से उरगा होते हुए वह मड़वारानी मंदिर की ओर पहुंचा। आरोप है कि वहीं किसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और हमला हुआ।
रात करीब 2 बजे गंभीर रूप से घायल अवस्था में निशा ने अपनी सहेली को वीडियो कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजनों ने डायल 112 पर संपर्क किया और मौके पर पहुंचे।
संदैल गांव के पास पुल के नजदीक पुलिस को दोनों घायल अवस्था में मिले। जांच में सामने आया कि शुभम की मौके पर ही मौत हो चुकी थी, जबकि निशा की हालत अत्यंत नाजुक थी। प्रारंभिक उपचार के बाद उसे सिम्स रेफर किया गया।
सिम्स में ऑपरेशन के बाद उसकी स्थिति में सुधार के संकेत मिले थे और उसे सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था। लेकिन दो दिन पहले अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह कोमा में चली गई। चिकित्सकों ने उसे बचाने की भरसक कोशिश की, परंतु मंगलवार दोपहर उसने अंतिम सांस ली।
मौत की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है, ताकि हमले के पीछे की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।


