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केन्द्रीय गृहमंत्री का बड़ा बयान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 8 फरवरी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार एक बार फिर नक्सलियों से सरेंडर की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत, और छत्तीसगढ़ सरकार किसी को मारना नहीं चाहती है। वो हथियार डाल दें, हम उनका रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भूपेश बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था।
केंद्रीय गृहमंत्री ने आज आर्गनाइजर के एक कार्यक्रम में कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य 25 साल पहले बना था, तब बीमारू और माओवाद से ग्रस्त राज्य माना जाता था। इस दौरान 18 साल भाजपा, और 7 साल कांग्रेस की सरकार रही है।
उन्होंने कहा कि 25 साल बाद छत्तीसगढ़ बीमारू से विकसित राज्य बनने की कगार पर है। माओवाद भी खात्मे की कगार पर है।
केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि अब तक 90 फीसदी माओवाद का खात्मा हो चुका है। 31 मार्च के पहले माओवाद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ में डॉ. रमन सिंह की सरकार थी तब विकास के नए आयाम स्थापित किए। उन्होंने भी माओवाद समस्या से निपटने का प्रयास किया, लेकिन उस समय केन्द्र कांग्रेस की थी। शाह ने कहा कि एक समय 11 राज्य नक्सल समस्या से ग्रस्त थे तब कहा जाता था कि अविकसित क्षेत्र की वजह से माओवाद फैला है।
उन्होंने कहा कि जब वो गृहमंत्री बने तब प्रदेश में बघेलजी की सरकार थी। बघेलजी की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया था। मैं समझ नहीं पाता कि कोई शासन किसी हथियारबंद समूह को कैसे प्रश्रय देती है।
केंद्रीय गृहमंत्री ने माओवादियों से आत्मसमर्पण की अपील की है।


