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नाइट लैंडिंग की मंजूरी तभी होगी सार्थक जब बढ़ें उड़ानें, ओपन टेंडर से एयरलाइंस बुलाने की मांग
08-Feb-2026 12:00 PM
नाइट लैंडिंग की मंजूरी तभी होगी सार्थक जब बढ़ें उड़ानें, ओपन टेंडर से एयरलाइंस बुलाने की मांग

जन संघर्ष समिति ने  24 घंटे संचालन के लिए सभी योग्य कंपनियों देने की मांग उठाई

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 8 फरवरी। बिलासपुर स्थित बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर (नाइट लैंडिंग) लाइसेंस मिलने के बाद अब उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मांग तेज की गई है। हवाई सुविधा जन संघर्ष समिति ने कहा है कि केवल तकनीकी अनुमति से आम लोगों को लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि इसका वास्तविक फायदा तभी होगा जब नए समय स्लॉट में अधिक उड़ानें शुरू हों।

समिति ने कहा कि अब तक बिलासपुर एयरपोर्ट से उड़ानें सुबह 8 बजे से शाम 5 या 6 बजे तक ही संचालित हो पाती थीं। नाइट लैंडिंग सुविधा मिलने के बाद एयरपोर्ट पर 24 घंटे विमानों का संचालन संभव हो गया है। ऐसे में उन एयरलाइंस को आमंत्रित किया जाना चाहिए जिनके पास शाम, देर रात या तड़के उड़ान भरने योग्य विमान उपलब्ध हैं।

समिति के अनुसार देश की घरेलू एयरलाइंस के पास करीब 750 विमान हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग 100 विमान ही 80 सीट या उससे कम क्षमता वाले हैं, जो बिलासपुर एयरपोर्ट के 1500 मीटर लंबे छोटे रनवे से उड़ान भर सकते हैं।
समिति का कहना है कि एलायंस के अलावा इंडिगो, स्पाइसजेट और स्टार एयरवेज और जैसी कंपनियों के पास भी ऐसे विमान हैं। कुछ नई एयरलाइंस भी इस श्रेणी में आती हैं।

समिति ने राज्य सरकार से मांग की है कि इन सभी योग्य एयरलाइंस को ओपन टेंडर के माध्यम से आमंत्रित किया जाए, ताकि देर रात, अलसुबह और अन्य समय पर बिलासपुर से नई उड़ानें शुरू हो सकें। समिति का कहना है कि जब तक उड़ानों की संख्या नहीं बढ़ेगी, तब तक नाइट लैंडिंग लाइसेंस आम यात्रियों के लिए पूरी तरह लाभकारी साबित नहीं होगा।

नाइट लैंडिंग सुविधा मिलने की खुशी में एयर कनेक्टिविटी जन संघर्ष समिति का आंदोलन शनिवार को जारी रहा। इस अवसर पर मिठाइयां बांटी गईं और इसे बिलासपुर के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया गया।


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