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हैंडपंप के पास गड्ढे में डूबे बच्चे की मौत, हाईकोर्ट ने 4 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया
08-Feb-2026 12:12 PM
हैंडपंप के पास गड्ढे में डूबे बच्चे की मौत, हाईकोर्ट ने 4 लाख रुपये मुआवजे का आदेश दिया

जांजगीर-चांपा कलेक्टर ने आवदेन किया था नामंजूर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 8 फरवरी। सरकारी हैंडपंप के पास बने गड्ढे में डूबकर एक बच्चे की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जांजगीर-चांपा कलेक्टर को निर्देश दिया है कि मृतक बच्चे के परिजन को 4 लाख रुपये का मुआवजा 60 दिनों के भीतर प्रदान किया जाए।

याचिकाकर्ता शिवानंद धीवर के पुत्र की 16 जुलाई 2020 को जांजगीर जिले के ग्राम पोड़ीदल्हा में मौत हो गई थी। बताया गया कि गांव में स्थित सरकारी हैंडपंप के पास बने गड्ढे में गिरने से बच्चा डूब गया। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना पाया गया।

मामले की जांच के दौरान तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) सहित स्थानीय प्रशासन ने भी अपने प्रतिवेदन में घटना की पुष्टि की। जांच रिपोर्ट के आधार पर मृतक के पिता ने राजस्व पुस्तक परिपत्र भाग-6, कंडिका-4 के तहत ₹4 लाख मुआवजे के लिए जांजगीर-चांपा कलेक्टर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया था। कलेक्टर द्वारा मुआवजे का आवेदन अस्वीकार कर दिया गया। इस निर्णय से आहत होकर शिवानंद धीवर ने अपने अधिवक्ता सुशोभित सिंह के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में तर्क दिया गया कि कलेक्टर का आदेश कानून के विपरीत है और डूबने से हुई असामयिक मृत्यु पर नियमानुसार मुआवजा दिया जाना चाहिए।

हाईकोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए राज्य शासन और कलेक्टर को नोटिस जारी किया। शासन की ओर से जवाब पेश किए जाने के बाद न्यायालय ने मामले की सुनवाई की और कलेक्टर जांजगीर-चांपा द्वारा पारित आदेश को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार पूर्ण मुआवजा 60 दिनों के भीतर प्रदान किया जाए।


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