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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिखी चिट्ठी पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "उसका जवाब दे दिया है. हम लोग भी रुक-रुक के थक गए, लेकिन वो बोलते ही नहीं हैं. बोलते हैं नियम से बाहर बोलेंगे. हम लोगों ने दो दिन इंतज़ार किया. बाकी को भी तो बोलने का मौका मिलना चाहिए न. मर्ज़ी से थोड़े ही बोलेंगे, ये पार्लियामेंट ऑफ़ इंडिया है, यहां नियम से बोलना पड़ता है."
इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक चिट्ठी लिखी थी. उन्होंने इसमें लिखा, "अध्यक्ष महोदय, कल जब मैं राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोल रहा था तो आपने मुझे उस मैग़ज़ीन को ऑथेंटिकेट करने के लिए कहा, जिसका मैं हवाला देना चाहता था. आज मैंने दस्तावेज़ की पुष्टि करते हुए स्पीच शुरू करनी चाही."
उन्होंने कहा कि लंबे समय से ये परंपरा रही है कि सदन में जो सदस्य किसी दस्तावेज़ का हवाला देना चाहते हैं, उन्हें उसकी पुष्टि करनी होती है. एक बार यह हो जाने के बाद स्पीकर सदस्य को डॉक्यूमेंट का हवाला देने की इजाज़त दे देते हैं.
उन्होंने लिखा, "आज लोकसभा में मुझे बोलने से रोकना न सिर्फ़ परंपरा का उल्लंघन है बल्कि इससे यह गहरी चिंता भी पैदा होती है कि विपक्ष के नेता के तौर पर मुझे राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बोलने से जानबूझकर रोकने की कोशिश की जा रही है. यह दोहराना ज़रूरी है कि राष्ट्रीय सुरक्षा राष्ट्रपति के अभिभाषण का अहम हिस्सा था, जिसपर सदन में चर्चा होनी चाहिए." (bbc.com/hindi)


