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मरवाही पुलिस की सूझबूझ से अनहोनी टली
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 4 फरवरी। छत्तीसगढ़ के मरवाही क्षेत्र में पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। पारिवारिक कलह और मोबाइल की जिद के चलते मौत के साये में बैठी एक 14 साल की मासूम को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
3 फरवरी की सुबह मरवाही पुलिस को सूचना मिली कि एक किशोरी ने खुद को घर के कमरे में बंद कर लिया है। वह हाथ में पैना हंसिया लिए अपनी जान लेने की धमकी दे रही थी। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह तनावपूर्ण घटनाक्रम करीब चार घंटों तक चलता रहा, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम को किशोरी की मां ने बताया कि वह पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। इसके साथ ही वह मोबाइल फोन चलाने की मांग कर रही थी। बात न माने जाने पर उसने घर में रखा धारदार हंसिया उठा लिया और खुद को कमरे में कैद कर लिया। परिजन, पड़ोसी और शिक्षकों की घंटों की समझाइश के बाद भी जब लड़की ने दरवाजा नहीं खोला, तो स्थिति गंभीर हो गई।
पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक शनिप रात्रे अपनी टीम के साथ मौके पर डटे रहे। जब अनहोनी का डर बढ़ने लगा, तो निरीक्षक रात्रे ने त्वरित निर्णय लेते हुए कमरे का दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस ने बड़ी ही सावधानी से लड़की के हाथ से हंसिया छीना और उसे सुरक्षित कब्जे में लिया।
रेस्क्यू के बाद किशोरी को तत्काल मरवाही के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे शारीरिक रूप से स्वस्थ पाया। मानसिक स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस ने उसकी और उसकी मां की काउंसलिंग कराई, जिसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।


