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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 4 फरवरी। रतनपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-130 पर हुई कार और नकदी लूट की घटना में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। लूटपाट करने वाले आरोपियों ने कबूल किया है कि उन्होंने यह वारदात किसी लालच में नहीं, बल्कि ठगी का बदला लेने के लिए अंजाम दिया। आरोपियों का कहना है कि एक तांत्रिक ने उन्हें 2.50 लाख रुपये को 2.50 करोड़ रुपये में बदलने का झांसा देकर ठगा था।
मामले में पहले तांत्रिक की ओर से लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। लेकिन पुलिस की गहन पूछताछ में पूरी कहानी सामने आ गई। लूट के आरोपी तांत्रिक की कथित ठगी से आक्रोशित थे और उसी से बदला लेने के लिए उन्होंने उसकी कार, नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह ने बताया कि कोरबा जिला के दीपका निवासी विजय कुमार राज (48) ने लूट की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 31 जनवरी की रात विजय कुमार राज अपनी तीन महिला रिश्तेदारों के साथ बिल्हा मेले से लौट रहे थे। तड़के करीब 3:35 बजे उन्होंने रतनपुर के पास एक ढाबे के समीप कार रोकी, तभी सफेद और हरे रंग की दो कारें वहां आकर रुकीं। उनमें सवार चार युवकों ने अचानक उतरकर नाटकीय अंदाज़ में हमला कर दिया।
आरोपियों ने मारपीट के बाद विजय की कार, तीन मोबाइल फोन और लगभग 8 हजार रुपये नकद लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक राजनेश सिंह के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की सच्चाई सामने आने के बाद अब उस तांत्रिक के खिलाफ भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


