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जीपीएस से लैस हुई जवानों की बाइक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 4 फरवरी। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बिलासपुर पुलिस ने आधुनिक ड्रोन तकनीक का सहारा लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ड्रोन तकनीक आधारित विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत नशाखोरी, आवारागर्दी, असामाजिक गतिविधियों और ट्रैफिक जाम पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
ड्रोन से प्राप्त लाइव सूचनाओं के आधार पर सिरगिट्टी क्षेत्र में चिन्हित स्थानों पर पुलिस ने दबिश दी। इस दौरान नशा सेवन और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त 15 लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ड्रोन की मदद से निगरानी सटीक हुई और कार्रवाई में तेजी आई।
इसी तरह सकरी थाना क्षेत्र अंतर्गत साइंस कॉलेज परिसर में आयोजित व्यापार मेले के दौरान ड्रोन का उपयोग कर यातायात व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया गया। इससे न केवल सुचारू आवागमन बना रहा, बल्कि किसी भी अप्रिय स्थिति से समय रहते निपटने में मदद मिली।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन निगरानी अभियान जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा, ताकि कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जा सके और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बना रहे।
अपराध नियंत्रण, बेहतर कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों से प्रभावी समन्वय के उद्देश्य से जिले में बीट सिस्टम को मानक संचालन प्रक्रिया ( एसओपी ) के तहत प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। बीट अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध गतिविधियों, असामाजिक तत्वों, बाहरी व्यक्तियों, किरायेदारों और नए आगंतुकों की जानकारी रखेंगे।
बीट ड्यूटी में लगे पुलिसकर्मियों की मोटरसाइकिलों में जीपीएस उपकरण लगाए गए हैं, जिससे लगातार निगरानी और पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। इससे त्वरित कार्रवाई, बेहतर गश्त और सामुदायिक पुलिसिंग को नई ताकत मिलने की उम्मीद है।
वहीं शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बीट सिस्टम को सशक्त किया गया है। प्रत्येक बीट क्षेत्र में छह आरक्षकों की तैनाती की गई है, जो सुबह, शाम और रात,तीन पालियों में 24 घंटे गश्त करेंगे।
शहरी बीट क्षेत्रों में बाजार, भीड़भाड़ वाले इलाके, स्कूल-कॉलेज, एटीएम, बस व रेलवे स्टेशन शामिल हैं, जबकि ग्रामीण बीट में 3 से 6 गांव, खेत, जलस्रोत, वन सीमाएं और दुर्घटना संभावित स्थान कवर किए गए हैं।
बीट अधिकारियों को नशा सेवन, जुआ, चोरी, सेंधमारी, छेड़छाड़ और गुंडागर्दी जैसी गतिविधियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। नशा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
बीट अधिकारी स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, दुकानदारों, चौकीदारों, सरपंचों, कोटवारों और शिक्षकों से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे। भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़े और सामाजिक संवेदनशील मामलों की जानकारी समय रहते जुटाकर उनका समाधान किया जाएगा।
विशेष रूप से रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक प्रभावी नाइट पेट्रोलिंग की जाएगी। प्रत्येक बीट क्षेत्र में बीट रजिस्टर, अपराध मानचित्रण, घटनाओं का विश्लेषण, सीसीटीवी कैमरों और क्यूआर कोड के माध्यम से पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।


