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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 4 फरवरी। जिले के कोटा थाना परिसर से सामने आए एक वीडियो ने इलाके में हलचल मचा दी है। थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद यह घटना अब चर्चा का विषय बन गई है। वीडियो में कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों द्वारा थाने के भीतर हंगामा, गाली-गलौज और मारपीट जैसी स्थिति उत्पन्न करते हुए देखा जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी कार्रवाई करने के बजाय उन्हें कैमरे के सामने हंगामा न करने की नसीहत देते नजर आ रहे हैं।
वायरल वीडियो में एक पुलिस अधिकारी पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड करता दिखाई देता है, जबकि अन्य वर्दीधारी जवान उपद्रव कर रहे लोगों को समझाते हुए दिखते हैं। सूत्रों के मुताबिक, थाने के भीतर कथित रूप से लोगों के साथ गाली-गलौज और हाथापाई भी की गई, लेकिन इसके बावजूद तत्काल कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला कोटा तहसील क्षेत्र में हुई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम बताया जा रहा है। इस कार्रवाई का नेतृत्व तत्कालीन तहसीलदार प्रांजल मिश्रा कर रहे थे। उसी दौरान राम सोनी और संतोष मिश्रा के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था, जिसने तनाव का रूप ले लिया।
कुछ लोगों का दावा है कि विवाद बढ़ने पर एक पक्ष के प्रभावशाली व्यक्ति ने अपने घर से तलवार निकालकर हमला किया। इसी के बाद मामला कोटा थाने तक पहुंचा।
घटना की सूचना मिलने पर भाजपा नेता विकास सिंह भी थाने पहुंचे। आरोप है कि इसके बाद थाने के भीतर ही, पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में, दोबारा गाली-गलौज और मारपीट हुई। यह पूरा दृश्य थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान भानु मिश्रा के साथ भी मारपीट की गई।
कोटा पुलिस का कहना है कि अभी तक इस मामले में न तो एफआईआर दर्ज की गई है और न ही सीसीटीवी फुटेज में तलवार से हमले की पुष्टि हुई है।


