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एसईसीएल की 'प्रोजेक्ट श्वास' के जरिए एआई से लैस वैन पहुंचेगी गांवों में
04-Feb-2026 12:30 PM
एसईसीएल की 'प्रोजेक्ट श्वास' के जरिए एआई से लैस वैन पहुंचेगी गांवों में

टीबी और फेफड़ों की बीमारियों से निपटने आश्रय फाउंडेशन के साथ एमओयू

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 4 फरवरी। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कोरबा जिले के निवासियों को टीबी (तपेदिक) और फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से बचाने के लिए एसईसीएल ने 'आश्रय फाउंडेशन' के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस 'प्रोजेक्ट श्वास' के तहत अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस मोबाइल मेडिकल यूनिट्स गांव-गांव जाकर मरीजों की पहचान और इलाज करेंगी।

एसईसीएल ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 4.99 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की है। SECL मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में निदेशक (कार्मिक) बिरंची दास की उपस्थिति में इस समझौते पर मुहर लगी। महाप्रबंधक (सीएसआर) सी. एम. वर्मा और आश्रय फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक नलिन जौहरी ने आधिकारिक दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।

'प्रोजेक्ट श्वास' छत्तीसगढ़ की पहली ऐसी पहल है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक का उपयोग करके घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी। यह प्रोजेक्ट केवल बीमारी का पता लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शुरुआती लक्षणों के प्रबंधन, उपचार की निरंतरता सुनिश्चित करने और ओपीडी आधारित चिकित्सा सहायता प्रदान करने पर भी केंद्रित है।

इस परियोजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा मरीजों के सर्वांगीण सुधार पर भी ध्यान दिया जाएगा। टीबी रोगियों को संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता किट और शारीरिक मजबूती के लिए मासिक पोषण किट प्रदान की जाएगी। लंबी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए विशेष मानसिक स्वास्थ्य परामर्श सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा एआई तकनीक के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मरीज नियमित रूप से दवाएं ले रहे हैं या नहीं।

एसईसीएल की ओर से कहा गया है कि उन्नत तकनीक और मानवीय संवेदना के मेल से बना यह प्रोजेक्ट सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगा।


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