ताजा खबर
तिरुवनंतपुरम, 2 फरवरी। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बेंगलुरु में आयकर विभाग की छापेमारी के दौरान रियल एस्टेट कारोबारी सी. जे. रॉय की 30 जनवरी को हुई मौत के मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की है।
विजयन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में कहा कि यह घटना ‘‘देश के कर प्रशासन पर एक धब्बा’’ है और उन्होंने छापेमारी प्रक्रियाओं में ‘‘गंभीर खामियों’’ की ओर इशारा किया।
उन्होंने पीड़ित के भाई के हवाले से कहा, ‘‘मेरे भाई ने पूरा सहयोग किया और सभी दस्तावेज जमा कर दिए। फिर भी अधिकारी बार-बार आते रहे। उन्होंने कई बार कहा कि आयकर विभाग की कार्रवाई उनके लिए असहनीय हो गई है।’’
विजयन ने कहा कि हालांकि वह इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि कर चोरी एक गंभीर समस्या है और इसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए, लेकिन रॉय के मामले में जिस तरह से जनहानि हुई है वैसा कोई भी कार्य एक सभ्य लोकतांत्रिक समाज में उचित नहीं ठहराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह बेहद आश्चर्यजनक है कि जिसके परिसर में आयकर विभाग छापेमारी कर रहा था, वह व्यक्ति तलाशी अभियान के दौरान भरी हुई बंदूक उठाकर खुद को गोली मार ले।
विजयन ने एक फरवरी को लिखे पत्र में कहा कि इस तरह की कार्रवाई के दौरान परिसर में कर अधिकारियों का पूरा नियंत्रण होना चाहिए और कम से कम अधिकारियों की यह जिम्मेदारी तो होनी चाहिए कि छापेमारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बेहतर हो।
उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से आग्रह किया कि वे इस मामले में न्यायिक जांच का आदेश देने के लिए कदम उठाएं और इसके लिए एक जांच आयोग का गठन करें।
रॉय (57) को बेंगलुरु के रिचमंड सर्कल के पास स्थित उनके कार्यालय में उनकी लाइसेंसी बंदूक से गोली लगी थी।
गोली चलने की आवाज सुनते ही कर्मचारी दौड़कर उनके कमरे में पहुंचे और उन्हें खून से लथपथ पाया तथा अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (भाषा)


