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ओडिशा का यूट्यूबर सर्पमित्र गिरफ्तार, गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड
31-Jan-2026 3:08 PM
ओडिशा का यूट्यूबर सर्पमित्र गिरफ्तार, गांजा तस्करी का मास्टरमाइंड

रील में हीरो- 56 लाख फॉलोअर्स
पुणे में तड़ीपार बाप संग दो बेटे भी चला रहे थे गांजे के धंधा, करोड़ों की सम्पति सील  
8 मामलों में 9 गिरफ्तार, साढ़े 5 करोड़ की संपत्ति होगी कुर्क
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 31 जनवरी।
महासमुंद जिला पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने गांजा तस्करी के मामलों में संयुक्त कार्रवाई करते हुए अलग-अलग प्रकरणों में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में ओडिशा निवासी आकाश जाधव भी शामिल है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर सर्पमित्र के रूप में सक्रिय है।
पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में बताया कि हाल ही में एम्बुलेंस के माध्यम से गांजा परिवहन के मामले में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की जांच की गई। जांच में सामने आया कि जिस एम्बुलेंस का उपयोग किया गया था, वह महाराष्ट्र का पूर्व सरकारी वाहन था, जिसे एक संस्था द्वारा नीलामी में खरीदा गया था। आरोप है कि आकाश जाधव ने यह एम्बुलेंस उसी संस्था से खरीदी थी।

पुलिस के अनुसार ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र से रंजन दुर्गा नामक व्यक्ति द्वारा गांजा लोड कराया जाता था, जिसे आकाश जाधव के नेटवर्क के माध्यम से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र ले जाया जाता था। 7 जनवरी को पुलिस ने 520 किलो गांजा जब्त किया था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2.60 करोड़ रुपये बताई गई।
एसपी प्रभात कुमार के अनुसार जांच में यह भी सामने आया कि महाराष्ट्र के पुणे क्षेत्र के रामदास चंदू सोनवाने मुख्य खरीदार था। उसके दोनों बेटे कुणाल सोनवाने और प्रतीक सोनवाने भी इस मामले में आरोपी हैं। रामदास सोनवाने का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले तड़ीपार भी किया जा चुका है।
पुलिस ने बताया कि आकाश जाधव द्वारा गांजा परिवहन की जिम्मेदारी सागर बाघ, संजीव अहिरे, सुशील दाभाडे और आदित्य नामक व्यक्तियों को दी गई थी। आरोपियों के खिलाफ कोमाखान थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 29 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार जांच पूर्ण होने के बाद महाराष्ट्र पुलिस के समन्वय से रामदास सोनवाने की लगभग 4 करोड़ रुपये और आकाश जाधव की लगभग 1.5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। कुल मिलाकर लगभग 5.5 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की जानी प्रस्तावित है।
एसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में महासमुंद जिले में एनडीपीएस मामलों में 204 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और 3177 किलो गांजा जब्त किया गया था। वर्ष 2026 के जनवरी में अब तक लगभग 200 किलो गांजा जब्त किया गया है।

इस कार्रवाई को छत्तीसगढ़ पुलिस और महाराष्ट्र एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के बीच समन्वय का परिणाम बताया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
अपर पुलिस अधीक्षक महासमुंद प्रतिभा पांडेय ने बताया कि जिले के रेहटीखोल, पलसापाली, टेमरी और नर्रा में स्थायी चेकिंग प्वाइंट स्थापित हैं, जहां 24 घंटे पुलिस बल तैनात रहता है। अस्थायी प्वाइंट्स पर भी समय-समय पर जांच की जाती है और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखा गया है।


 


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