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डिप्टी सीएम अरुण साव ने केंद्रीय खेल मंत्री से की मुलाकात
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 29 जनवरी। छत्तीसगढ़ में खेल प्रशिक्षण और आधारभूत संरचना को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से सहयोग मांगा है। उपमुख्यमंत्री एवं खेल व युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात कर राज्य से भेजे गए प्रस्तावों को शीघ्र मंजूरी देने का आग्रह किया।
डिप्टी सीएम ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने खेलो इंडिया योजना के अंतर्गत कुल 23 खेल अधोसंरचना परियोजनाओं के निर्माण के प्रस्ताव मंत्रालय को भेजे हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है।
बैठक के दौरान अरुण साव ने भारतीय खेल प्राधिकरण ( साई ) का क्षेत्रीय केंद्र, राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई ), लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (ग्वालियर) का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर में दो नए खेलों की स्वीकृति और रायपुर में टेनिस के लिए खेलो इंडिया एक्सीलेंस सेंटर खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया।
डिप्टी सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन मौजूदा कोचिंग और खेल विज्ञान से जुड़ा ढांचा राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप नहीं है। इसी वजह से खिलाड़ियों का समग्र विकास सीमित रह जाता है।
राज्य सरकार का उद्देश्य जिला और राज्य स्तर के खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण देना और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराना है। एथलेटिक्स, फुटबॉल, हॉकी, जूडो, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग, कयाकिंग-कैनोइंग, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल जैसे खेलों में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारी कर खिलाड़ियों को ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए तैयार करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।


